देहरादून: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे विकास और विरासत के संतुलन की एक बेहतरीन मिसाल बनकर उभर रहा है। यह एक्सप्रेसवे जहां एक ओर दोनों शहरों के बीच दूरी कम कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
Delhi-Dehradun Expressway Emerges as Asia’s Largest Green Corridor
उत्तराखंड सीमा में गणेशपुर से डाटकाली तक बना 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड अब एशिया के सबसे बड़े ग्रीन कॉरिडोर के रूप में पहचान बना चुका है। इसे खास तौर पर इस तरह डिजाइन किया गया है कि वन्यजीवों की प्राकृतिक आवाजाही में कोई बाधा न आए। यह एलिवेटेड रोड राजाजी टाइगर रिजर्व और शिवालिक रेंज के बीच बनाया गया है, ताकि हाथी समेत अन्य वन्यजीव बिना किसी डर के एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जा सकें।
18 प्रजातियों की मौजूदगी से मिला प्रमाण
भारतीय वन्यजीव संस्थान की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार इस कॉरिडोर में वन्यजीवों की 18 प्रजातियां सक्रिय रूप से देखी गई हैं। कैमरा ट्रैप में हाथी, गुलदार, सियार, चीतल, सांभर, नीलगाय, जंगली सूअर और मोर जैसे कई जीवों की तस्वीरें कैद हुई हैं।