देहरादून: सड़कों पर कोहराम, गलियों में झगड़े, घरों में साजिशें और सरे आम हत्याएं.. देहरादून के खुशनुमा मौसम में अपराध घुल चुका है। कभी पढ़ाई के लिए मशहूर और युवाओं के लिए सुरक्षित माने जाने वाले इस शहर में अब क्राइम.. चिंता का पर्याय बन गया है। रोड-रेज, नशे में ड्राइविंग और जहां-तहां कानून की धज्जियां उड़ना अब इस शहर में आम बात हो गई है। और यही घटनाएं शहर के क्राइम के पीछे की बड़ी वजह बन रही हैं।
Road Rage Firing Claims Life of Retired Brigadier
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 7 बजे देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र के जोहड़ी गांव में दो कार सवार युवकों के बीच ओवरटेक को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक ने फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि गोली दूसरी गाड़ी को रोकने के लिए चलाई गई थी, लेकिन गोली मॉर्निंग वाक पर निकले रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी को जा लगी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल ब्रिगेडियर को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए, पुलिस टीम द्वारा आरोपियों की तलाश की जा रही है। इसके लिए इलाके के सभी सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं।
सील किया गया पूरा इलाका
देहरादून के एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और आरोपियों की तलाश में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने कई थानों में नाकेबंदी कर दी है और संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है।
कैबिनेट मंत्री ने जताया शोक
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और पुलिस अधिकारियों को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।साथ ही उन्होंने संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की बात कही।
पुराने आंकड़े भी दे रहे संकेत
बीते वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो देहरादून में आपराधिक घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खासकर युवाओं में आक्रामक ड्राइविंग और झगड़ों की प्रवृत्ति बढ़ी है, जिससे ऐसे हादसे बढ़ रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम नागरिकों का कहना है कि अगर सुबह के समय भी लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो हालात कितने गंभीर हो सकते हैं।