हरिद्वार: Haridwar जिले में ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। डीएम Mayur Dixit के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान के पहले ही दिन 50 ई-रिक्शा को सीज कर दिया गया। यह कार्रवाई 31 मार्च तक दी गई सत्यापन की समयसीमा समाप्त होने के बाद की गई।
Haridwar News: 50 E-Rickshaws Seized Over Verification Violations
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में एक महीने पहले ई-रिक्शा स्वामियों और चालकों के लिए अनिवार्य सत्यापन अभियान शुरू किया गया था। इस प्रक्रिया के तहत चालकों और मालिकों का पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी किया गया। साथ ही ई-रिक्शा पर रूट आधारित रंगों के अनुसार QR कोड स्टिकर लगाए गए और चालकों को QR आधारित पहचान पत्र भी दिए गए।
Haridwar News: समयसीमा के बावजूद सत्यापन नहीं
निर्धारित समयसीमा के बावजूद कई ई-रिक्शा चालकों ने सत्यापन नहीं कराया और न ही QR कोड लगवाए। इसके चलते परिवहन विभाग ने चेकिंग अभियान चलाकर 50 ई-रिक्शा को जब्त कर लिया और उनके चालान भी काटे गए। इस अभियान को एआरटीओ Nikhil Sharma, Neha Jha, परिवहन कर अधिकारी वरुणा सैनी, मनीषा शाह और उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार की टीम ने मिलकर अंजाम दिया। सभी अधिकारियों ने मिलकर शहर में सघन चेकिंग अभियान चलाया।
Haridwar News: 12 हजार में से सिर्फ 1500 का सत्यापन
अधिकारियों के अनुसार हरिद्वार में करीब 12,000 ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं, लेकिन अब तक केवल लगभग 1500 का ही सत्यापन हो पाया है। बाकी हजारों ई-रिक्शा बिना नियमों के सड़कों पर चल रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना, यात्रियों को ठगी से बचाना और अपराधियों की पहचान करना है। QR कोड के जरिए ई-रिक्शा का रूट, किराया और चालक की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिन ई-रिक्शा चालकों ने अभी तक सत्यापन नहीं कराया है, उनके खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने सभी चालकों और मालिकों से जल्द से जल्द सत्यापन कराने की अपील की है।
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Haridwar News: हरिद्वार में डीएम के निर्देश पर बिना सत्यापन चल रहे ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 50 वाहन सीज किए गए। QR कोड और वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है।
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