उत्तराखंड ऋषिकेशTrack Laying to Begin in May for Rishikesh-Karnaprayag Rail Project

Rishikesh-Karnaprayag rail: मई से शुरू होगा ट्रैक बिछाने का काम, जानिए कब तक दौड़ेने लगेगी ट्रेन

Rishikesh-Karnaprayag Railway: 126 किमी लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में मई से ट्रैक बिछाने का काम शुरू किया जाएगा। Rail Vikas Nigam Limited द्वारा निर्माणाधीन इस परियोजना को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है...

Rishikesh Karnaprayag rail project: Track Laying to Begin in May for Rishikesh-Karnaprayag Rail Project
Image: Track Laying to Begin in May for Rishikesh-Karnaprayag Rail Project (Source: Social Media)

ऋषिकेश: उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में अब एक महत्वपूर्ण चरण शुरू होने जा रहा है। सुरंगों और स्टेशनों के निर्माण कार्य में तेजी आने के बाद अब मई महीने से रेल ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह परियोजना राज्य में कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

Track Laying to Begin in May for Rishikesh-Karnaprayag Rail Project

करीब 126 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण Rail Vikas Nigam Limited द्वारा किया जा रहा है। परियोजना को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस रेल लाइन के तहत कुल 13 स्टेशन बनाए जाने हैं, जिनमें से बीरभद्र और योगनगरी स्टेशन का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि शिवपुरी और ब्यासी में कार्य जारी है। बाकी स्टेशनों के लिए तकनीकी और वित्तीय मंजूरी मिल चुकी है। अब तक टनल, पुल और स्टेशन निर्माण पर फोकस किया जा रहा था, लेकिन अब परियोजना अपने अगले चरण में प्रवेश कर रही है। मई से पूरे रूट पर रेल ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे प्रोजेक्ट की गति और तेज हो जाएगी।

सिग्नल और टेलीकॉम सिस्टम पर भी होगा काम

रेल संचालन के लिए सिग्नल और टेलीकॉम सिस्टम बेहद अहम होते हैं। इस परियोजना में भी इन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लगभग 1200 करोड़ रुपये की लागत से पूरे रूट पर सिग्नलिंग और संचार व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके लिए एक ही टेंडर जारी किया जाएगा, जिससे काम में तेजी और पारदर्शिता बनी रहे। परियोजना में इलेक्ट्रिकल कार्य भी बड़े स्तर पर किए जाएंगे। पहले चरण में ब्यासी तक जनरल पावर सप्लाई, फायर सिस्टम और टनलों में वेंटिलेशन का काम किया जाएगा, जिस पर करीब 434 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) लगाने का काम दो चरणों में होगा—पहले श्रीनगर तक और फिर कर्णप्रयाग तक, जिस पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

समय पर पूरा करने का लक्ष्य

O P Malgudi के अनुसार, ट्रैक बिछाने के साथ-साथ इलेक्ट्रिकल, सिग्नल और टेलीकॉम से जुड़े कार्य भी जल्द शुरू किए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परियोजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।
ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक बनने वाली यह रेल परियोजना उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के लिए गेमचेंजर साबित होगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी और राज्य के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।