उत्तराखंड हल्द्वानीHaldwani Ring Road Design to Be Completed in 9 Months

Uttarakhand: हल्द्वानी को भीषण जाम से राहत देगी रिंग रोड, नैनीताल-अल्मोड़ा से पहाड़ जाना आसान

Haldwani Ring Road: हल्द्वानी रिंग रोड का डिजाइन 9 महीने में तैयार होगा। दिल्ली की कंपनी एमएस सक्षम सर्वे सॉल्यूशन को जिम्मेदारी दी गई है, जो वनभूमि, पेड़ों की गणना और लागत रिपोर्ट तैयार करेगी।

Haldwani Ring Road: Haldwani Ring Road Design to Be Completed in 9 Months
Image: Haldwani Ring Road Design to Be Completed in 9 Months (Source: Social Media)

हल्द्वानी: हल्द्वानी में बढ़ती ट्रैफिक समस्या को देखते हुए लंबे समय से प्रस्तावित रिंग रोड परियोजना अब एक बार फिर गति पकड़ चुकी है। लोनिवि ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के सर्वे और डिजाइन का काम दिल्ली की निजी कंपनी को सौंप दिया है। वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद कंपनी को नौ महीने के भीतर पूरी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे परियोजना को अंतिम रूप दिया जा सकेगा।

Haldwani Ring Road Design to Be Completed in 9 Months

टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद एमएस सक्षम सर्वे सॉल्यूशन को इस परियोजना की जिम्मेदारी दी गई है। इस टेंडर में हरियाणा, दिल्ली और पंजाब की कुल तीन कंपनियों ने भाग लिया था। तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन के बाद इस कंपनी को सबसे उपयुक्त पाया गया। अब यही कंपनी रिंग रोड से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं का सर्वे और विश्लेषण करेगी।

वनभूमि और पेड़ों का विस्तृत आकलन

रिंग रोड के निर्माण के लिए वन क्षेत्र का उपयोग किया जाना प्रस्तावित है, इसलिए पर्यावरणीय पहलुओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कंपनी को वनभूमि का पूरा आकलन करना होगा, जिसमें यह देखा जाएगा कि सड़क के दायरे में कितनी जमीन आएगी और कितने पेड़ों को हटाना पड़ेगा। इसके साथ ही पूरी प्रक्रिया को कानूनी रूप से पूरा करने के लिए वन विभाग से अनुमति ली जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन डीएफओ, वन संरक्षक और राज्य स्तर के अधिकारियों के माध्यम से केंद्रीय वन मंत्रालय तक भेजा जाएगा।आगे पढ़िए..

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51 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट और बदलाव

हल्द्वानी रिंग रोड परियोजना की शुरुआत अप्रैल 2017 में हुई थी। यह परियोजना करीब 51 किलोमीटर लंबी है और इसे चार हिस्सों में विभाजित किया गया था। परियोजना के तहत कुछ हिस्सों पर पहले ही काम हो चुका है, जैसे तीनपानी से काठगोदाम तक सड़क का चौड़ीकरण। हालांकि, नरीमन से गुलाबघाटी होते हुए फतेहपुर तक का हिस्सा बाद में योजना से हटा दिया गया। अगस्त 2024 में शासन स्तर पर हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सड़क को लामाचौड़ से रामपुर रोड तक घुमाया जाएगा, जिससे शहर के बाहर एक नया बाईपास तैयार हो सके और ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके।

ग्रामीणों के विरोध के बाद बदली योजना

प्रारंभिक सर्वे में रिंग रोड को ग्रामीण क्षेत्रों से निकालने का प्रस्ताव था, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों के भारी विरोध के चलते इस योजना में बदलाव करना पड़ा। अब नई योजना के अनुसार सड़क को आबादी से सटे जंगल क्षेत्र से निकाला जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य लोगों के विस्थापन को कम करना और सामाजिक विरोध को नियंत्रित करना है।

लागत और भूमि अधिग्रहण का अनुमान

लोनिवि द्वारा पहले किए गए सर्वे के अनुसार इस परियोजना के लिए लगभग 56 हेक्टेयर वनभूमि का अधिग्रहण करना पड़ेगा। साथ ही करीब 4280 पेड़ों की कटाई की आवश्यकता होगी। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 172 करोड़ रुपये आंकी गई है। हालांकि, यह अंतिम आंकड़े नहीं हैं और नई कंपनी द्वारा तैयार की जाने वाली रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक लागत और संसाधनों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति का प्रावधान

वनभूमि के उपयोग के बदले सरकार को पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए दोगुनी भूमि पर पौधरोपण करना होगा। इस प्रक्रिया को पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति कहा जाता है। इसके तहत जितनी वनभूमि का उपयोग किया जाएगा, उसके बदले अधिक क्षेत्र में नए पेड़ लगाए जाएंगे, ताकि पर्यावरण को होने वाले नुकसान की भरपाई की जा सके।

प्रस्तावित रूट और कनेक्टिविटी

रिंग रोड का प्रस्तावित रूट भाखड़ा पुल से शुरू होकर फायर लाइन होते हुए रामपुर रोड पर बेलबाबा के पास जाकर जुड़ेगा। यह मार्ग शहर के बाहरी हिस्सों को जोड़ते हुए ट्रैफिक को डायवर्ट करने में मदद करेगा। इससे शहर के अंदर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है।

ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

हल्द्वानी में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम को देखते हुए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि रिंग रोड समय पर बनकर तैयार हो जाती है, तो शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है। इससे न केवल लोगों का समय बचेगा, बल्कि ईंधन की खपत और प्रदूषण में भी कमी आएगी।