देहरादून: मसूरी जाने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। 23 किलोमीटर लंबे लंबिधार-किमाड़ी वैकल्पिक मार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस नए रास्ते के बनने से मुख्य मार्ग पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिलने की उम्मीद है।
New 23-Km Alternate Route to Mussoorie to Ease Traffic Congestion
लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रांतीय खंड द्वारा इस परियोजना के टेंडर खोल दिए गए हैं। टेक्निकल बिड पहले ही खोली जा चुकी है और अब ठेकेदारों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद सफल ठेकेदारों को फाइनेंशियल बिड में शामिल किया जाएगा और करीब एक महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यह 23 किमी लंबा मार्ग फिलहाल सिंगल लेन है, जिसे अब डेढ़ लेन में विकसित किया जाएगा। यह सड़क गढ़ी कैंट के सप्लाई क्षेत्र से शुरू होकर मसूरी झील से करीब चार किलोमीटर पहले मुख्य मार्ग से जुड़ती है। सड़क चौड़ी होने से वाहनों की आवाजाही आसान और सुरक्षित हो जाएगी।
हाईवे की सबसे बड़ी खासियत
इस नए राष्ट्रीय राजमार्ग की सबसे अहम विशेषता होंगी दो लंबी सुरंगें—
जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र के नीचे 2.9 किमी लंबी सुरंग
मसूरी की पहाड़ियों में करीब 2 किमी लंबी दूसरी सुरंग
इन सुरंगों के जरिए सड़क सीधे पहाड़ के आर-पार निकलेगी, जिससे तीखे मोड़, अधिक चढ़ाई और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों को काफी हद तक बायपास किया जा सकेगा।आगे पढ़िए
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एक्सप्रेसवे और हाईवे से और बढ़ेगा ट्रैफिक
देहरादून से मसूरी जाने वाले मुख्य मार्ग पर हर साल वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है, खासकर पर्यटन सीजन में लंबे जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में इस वैकल्पिक मार्ग का सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण बेहद जरूरी हो गया था। पांवटा साहिब हाईवे का चौड़ीकरण अंतिम चरण में है, जबकि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे भी जल्द शुरू होने वाला है। इन परियोजनाओं के चालू होने के बाद मसूरी की ओर वाहनों की संख्या और बढ़ जाएगी, जिससे ट्रैफिक दबाव और अधिक हो सकता है। मसूरी के लिए नंदा की चौकी क्षेत्र से एक अन्य वैकल्पिक मार्ग पर भी योजना बनाई जा रही है। हालांकि, इस परियोजना पर जमीनी स्तर पर काम शुरू होने में अभी समय लग सकता है।
मसूरी के लिए तैयार हो रहा यह 23 किमी लंबा वैकल्पिक मार्ग आने वाले समय में ट्रैफिक जाम की समस्या को काफी हद तक कम कर सकता है।