उत्तराखंड चमोलीBadrinath Temple Route Changed Under Master Plan

Badrinath yatra: बदरीनाथ मंदिर जाने का रास्ता बदल गया, श्रद्धालुओं के लिए आज की जरूरी खबर

Badrinath Temple Route: बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के चलते मंदिर तक पहुंचने का रास्ता बदल दिया गया है। जानें नया आस्था पथ, दुकानों की स्थिति और पूरी अपडेट।

Badrinath new route 2026: Badrinath Temple Route Changed Under Master Plan
Image: Badrinath Temple Route Changed Under Master Plan (Source: Social Media)

चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ धाम में इस बार श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने के लिए नए मार्ग से गुजरना होगा। बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत चल रहे निर्माण कार्यों के कारण पारंपरिक आस्था पथ को बदल दिया गया है, जिससे यात्रा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

Badrinath Temple Route Changed Under Master Plan

इस बार श्रद्धालुओं को मानव कल्याण आश्रम के बजाय शंकराचार्य आश्रम से होते हुए वेटिंग लाइन तक पहुंचना होगा। जिन स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहा है, वहां सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू बनी रहे और किसी प्रकार की परेशानी न हो। बदरीनाथ मास्टर प्लान अब अपने तीसरे चरण में पहुंच चुका है। इस चरण के अंतर्गत साकेत तिराहे से अलकनंदा पुल तक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) रोड का निर्माण किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट भविष्य में यात्रा को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आगे पढ़िए

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दुकानों की संख्या हुई कम, शिफ्टिंग शुरू

मास्टर प्लान के चलते इस बार बदरीनाथ क्षेत्र में कम दुकानें संचालित होंगी। साकेत तिराहे से पुराने पुल तक संचालित होने वाली प्रसाद की लगभग 16 दुकानों को नगर पंचायत कार्यालय के पास शिफ्ट किया जा रहा है। इसके अलावा 14 प्रभावित दुकानदारों के लिए अस्थाई दुकानों का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है, जिससे उन्हें राहत मिल सके। बदरीनाथ मास्टर प्लान के प्रभाव में आने के कारण एक तीन मंजिला होटल को पहले ही हटा दिया गया था। यह कदम क्षेत्र के पुनर्विकास और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।

श्रद्धालुओं के लिए जरूरी जानकारी

बदरीनाथ धाम में हो रहे ये बदलाव श्रद्धालुओं की सुविधा और भविष्य की बेहतर व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे हैं। हालांकि, इस बार यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को नए रूट और बदली व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनानी होगी।