उत्तराखंड रामनगरIllegal LPG Refilling Racket Busted in Ramnagar

Uttarakhand news: उत्तराखंड में 34 सिलिंडरों के साथ 2 सगे भाई गिरफ्तार, गैस की कालाबाजारी पर बड़ा खुलासा

LPG black marketing: रामनगर में एसडीएम की छापेमारी में गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी का खुलासा। 34 सिलिंडर, रिफलिंग उपकरण और डीजल बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार।

LPG black marketing: Illegal LPG Refilling Racket Busted in Ramnagar
Image: Illegal LPG Refilling Racket Busted in Ramnagar (Source: Social Media)

रामनगर: उत्तराखंड के रामनगर में गैस सिलिंडरों के संकट के बीच प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कालाबाजारी के एक अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। गुरुवार देर रात एसडीएम के नेतृत्व में की गई छापेमारी में गैस रिफलिंग का अवैध धंधा सामने आया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

Illegal LPG Refilling Racket Busted in Ramnagar

एसडीएम गोपाल सिंह चौहान को मोहल्ला खताड़ी ब्लॉक रोड स्थित एक घर में गैस रिफलिंग की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने कोतवाल सुशील कुमार को पुलिस टीम तैयार रखने के निर्देश दिए। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने जब घर पर छापा मारा, तो वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया। छापेमारी के दौरान पुलिस को घर के अंदर बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर और उपकरण मिले। कुल 34 घरेलू और व्यावसायिक सिलिंडर, एलपीजी रिफलिंग उपकरण, तराजू-बांट और आधा ड्रम डीजल बरामद किया गया। यह स्पष्ट संकेत था कि यहां लंबे समय से अवैध गैस रिफलिंग का काम चल रहा था।

दो सगे भाई गिरफ्तार

पुलिस ने मौके से दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उनकी पहचान अमर उर्फ भल्ला और शहजाद उर्फ शैजी के रूप में हुई, जो मोहल्ला खताड़ी के निवासी हैं। एसडीएम द्वारा पूछताछ के दौरान दोनों आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर कोतवाली लाया गया और आगे की कार्रवाई शुरू की गई। इस मामले में दो महिलाओं के नाम भी चर्चा में आए हैं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है और साक्ष्य मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। आगे पढ़िए

ये भी पढ़ें:

गैस एजेंसी पर भी शक

प्रशासन को इस मामले में गैस एजेंसी से जुड़े लोगों की भूमिका पर भी संदेह है। छापेमारी के दौरान 10 गैस बुक बरामद हुईं, जिनका उपयोग बड़े सिलिंडर मंगाने और फिर छोटे सिलिंडरों में गैस भरने के लिए किया जा रहा था। इसके अलावा, कुछ उपभोक्ताओं को बिना सिलेंडर मिले ही डिलीवरी के मैसेज मिलने की बात भी सामने आई है। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए खाद्य पूर्ति विभाग को गैस सिलिंडरों की आवक और वितरण की जांच सौंपी गई है।

आरोपियों पर केस दर्ज

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

प्रशासन की सख्त चेतावनी

एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने कहा कि एलपीजी की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने साफ किया कि अवैध भंडारण और रिफलिंग जैसे मामलों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।