उत्तराखंड अल्मोड़ाThree leopards seen Together in Matela Almora

Uttarakhand news: दहशत में मटेला गांव के लोग, एक साथ नजर आए 3 गुलदार; घरों में कैद गांववाले

Almora के मटेला गांव में Leopard (गुलदार) की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में भय का माहौल है। एक महीने में कई बार तीन-तीन गुलदार एक साथ देखे गए, जिनकी तस्वीरें CCTV में कैद हुई हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से कार्रवाई की मांग की है।

Almora leopard news: Three leopards seen Together in Matela Almora
Image: Three leopards seen Together in Matela Almora (Source: Social Media)

अल्मोड़ा: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के हवालबाग ब्लॉक स्थित मटेला गांव में इन दिनों गुलदारों की बढ़ती गतिविधियों ने ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना दिया है। पिछले एक महीने के भीतर चार बार तीन-तीन गुलदार एक साथ गांव में देखे जा चुके हैं, जिससे किसी बड़ी अनहोनी की आशंका लगातार बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि हालात दिन-ब-दिन गंभीर होते जा रहे हैं।

Three leopards seen Together in Matela Almora

मटेला गांव निवासी गोपाल सिंह के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में सोमवार रात करीब 11 बजे तीन गुलदारों की गतिविधि रिकॉर्ड हुई। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि गुलदार मकानों के पास सड़क पर घूम रहे हैं और कुछ देर तक वहीं मंडराते रहते हैं। मंगलवार सुबह जब फुटेज देखी गई, तब इस घटना का खुलासा हुआ, जिसके बाद पूरे गांव में डर और बढ़ गया। आगे पढ़िए..

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ग्रामीणों में डर और असुरक्षा का माहौल

लगातार गुलदार दिखने से गांव के लोगों में भय व्याप्त है। बच्चों और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। खासकर शाम और रात के समय लोग अपने घरों में ही रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब गांव में सामान्य जीवन प्रभावित होने लगा है और हर समय खतरे का डर बना रहता है।

वन विभाग पर लापरवाही के आरोप

ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कई बार सूचना देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। गुलदारों की लगातार बढ़ती मौजूदगी के बावजूद विभाग की ओर से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

विभाग का पक्ष-गश्त जारी

वहीं, वन विभाग के रेंजर मोहन राम ने बताया कि विभाग की टीम लगातार संभावित क्षेत्रों में गश्त कर रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, हालांकि ग्रामीण इस दावे से संतुष्ट नहीं हैं।

बढ़ता मानव-वन्यजीव संघर्ष

यह घटना पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक और मिसाल है। जंगलों के कम होते क्षेत्र और आबादी के विस्तार के कारण जंगली जानवर अब आबादी वाले इलाकों की ओर आने लगे हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि इलाके में नियमित गश्त बढ़ाई जाए, गुलदारों को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जाएं और गांव में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि किसी बड़ी घटना को रोका जा सके।