हरिद्वार: दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के विस्तार के तहत सहारनपुर से हरिद्वार तक 51 किलोमीटर लंबा सिक्स लेन बाईपास बनाया जा रहा है। यह परियोजना NH-344B के रूप में विकसित हो रही है और इसके जून 2026 तक पूरा होने की संभावना है। इस बाईपास के बनने से हरिद्वार और दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी पहले से कहीं बेहतर हो जाएगी।
Delhi–Haridwar Travel to Be Reduced to 3 Hours with New Bypass
इस नए बाईपास के शुरू होने के बाद दिल्ली से हरिद्वार की यात्रा में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अभी जहां इस दूरी को तय करने में 5 से 6 घंटे का समय लगता है, वहीं नए मार्ग से यह सफर लगभग 3 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी और यात्रा अधिक आरामदायक हो जाएगी। इस कॉरिडोर का सबसे बड़ा फायदा हरिद्वार के साथ-साथ रुड़की, भगवानपुर और सिडकुल जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा। इन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होने से व्यापार और उद्योगों को गति मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
धार्मिक यात्राओं के लिए वरदान
यह बाईपास कांवड़ यात्रा, कुंभ और अर्धकुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान ट्रैफिक को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके अलावा, हरिद्वार के साथ ऋषिकेश तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा, जिससे चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। आगे पढ़िए..
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ग्रीनफील्ड बाईपास से शहर को राहत
हरिद्वार में 861 करोड़ रुपये की लागत से 15 किलोमीटर लंबा फोरलेन ग्रीनफील्ड बाईपास भी तैयार किया जा रहा है, जो बहादराबाद से श्यामपुर कांगड़ी तक बनेगा। इसके पूरा होने से शहर के भीतर लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी, क्योंकि भारी वाहन शहर के बाहर से ही डायवर्ट हो जाएंगे।
फेज-2 में बनेगी पूरी रिंग रोड
इस परियोजना के दूसरे चरण में ग्रीनफील्ड बाईपास को और विस्तारित किया जाएगा। फेज-2 के पूरा होने के बाद हरिद्वार की एक पूरी रिंग रोड तैयार हो जाएगी, जिससे शहर चारों ओर से जुड़ जाएगा और यातायात प्रबंधन और अधिक सुचारू हो जाएगा।
यह पूरा प्रोजेक्ट उत्तराखंड के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक बड़ा कदम साबित होगा। इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि पर्यटन, धार्मिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। आने वाले समय में यह मार्ग राज्य के लिए लाइफलाइन की तरह काम करेगा।