उत्तराखंड उधमसिंह नगरNIA to Probe Sitarganj Arms Smuggling Case with Terror Links

Uttarakhand: उत्तराखंड में हथियार तस्करों के आतंकियों से कनेक्शन? सुरक्षा एजेंसियां चौकन्ना, NIA करेगी जांच

Sitarganj में पकड़े गए असलहा तस्करों का कनेक्शन आतंकी संगठन से जुड़ने के बाद मामला गंभीर हो गया है। National Investigation Agency अब इस केस की जांच में शामिल हो रही है।

Sitarganj arms smuggling: NIA to Probe Sitarganj Arms Smuggling Case with Terror Links
Image: NIA to Probe Sitarganj Arms Smuggling Case with Terror Links (Source: Social Media)

उधमसिंह नगर: उत्तराखंड के सितारगंज में पकड़े गए असलहा तस्करों के मामले में अब बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में इन तस्करों का कनेक्शन आतंकी संगठन अल बदर के ओवर ग्राउंड वर्कर रेहान मीर से सामने आया है। इस गंभीर कड़ी के सामने आने के बाद अब राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) भी इस मामले की जांच करेगी।

NIA to Probe Sitarganj Arms Smuggling Case with Terror Links

इस मामले में पहले ही दिल्ली स्पेशल सेल और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) द्वारा आरोपियों से पूछताछ की जा चुकी है। अब एनआईए भी जल्द ही ऊधम सिंह नगर पहुंचकर स्थानीय पुलिस से संपर्क करेगी और मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाएगी। जरूरत पड़ने पर एनआईए जेल में बंद आरोपियों से भी पूछताछ कर सकती है। 9 अप्रैल को पुलिस और एसओजी टीम ने सितारगंज से चोरगलिया (नैनीताल) के जंगल में असलहे छिपाने जा रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरेंद्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा उर्फ रानू के रूप में हुई। पुलिस ने इनके कब्जे से पांच अवैध हथियार और 300 से अधिक कारतूस बरामद किए थे। यह बरामदगी इस पूरे मामले की गंभीरता को दर्शाती है। आगे पढ़िए..

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आतंकी कनेक्शन ने बढ़ाई चिंता

पूछताछ के दौरान हरेंद्र उर्फ हनी का संबंध अल बदर आतंकी संगठन के ओवर ग्राउंड वर्कर रेहान मीर से सामने आया। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने रेहान मीर को सात पिस्टल उपलब्ध कराई थीं। इसके बदले में रेहान मीर ने जम्मू-कश्मीर के विभिन्न बैंक खातों से आरोपी के खाते में चार से पांच लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। इस वित्तीय लेन-देन ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। रेहान मीर का नाम पहले भी आतंकी गतिविधियों में सामने आ चुका है। वर्ष 2021 में दिल्ली स्पेशल टीम ने उसे गिरफ्तार किया था। उस समय भी हरेंद्र उर्फ हनी वांछित चल रहा था। इस पुरानी कड़ी के सामने आने से यह साफ हो गया है कि यह मामला केवल तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका संबंध बड़े आतंकी नेटवर्क से हो सकता है।

एनआईए की एंट्री से जांच तेज

आतंकी कनेक्शन सामने आने के बाद अब एनआईए ने भी इस मामले में एंट्री कर ली है। संभावना है कि एजेंसी एक-दो दिन में ऊधम सिंह नगर पहुंचकर जांच शुरू करेगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एनआईए को जांच में हर संभव सहयोग दिया जाएगा। एजेंसी जरूरत पड़ने पर जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा कर सकती है।

पुलिस का बयान

ऊधम सिंह नगर के एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी एजेंसियां सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि एनआईए के आने पर जांच और तेज होगी और पूरे नेटवर्क को उजागर करने का प्रयास किया जाएगा।