उत्तराखंड रुद्रप्रयागForest officials beat up tourists in Tungnath

Uttarakhand: तुंगनाथ में वन कर्मियों ने पर्यटकों को जमकर पीटा, महिलाओं से बदतमीजी का आरोप; वीडियो वायरल

Tungnath Trek: रुद्रप्रयाग के तुंगनाथ ट्रैक पर पर्यटकों से मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग ने सफाई दी है। जानिए क्या है पूरा मामला और सच्चाई।

Tungnath trek viral video: Forest officials beat up tourists in Tungnath
Image: Forest officials beat up tourists in Tungnath (Source: Social Media)

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित तुंगनाथ ट्रैक से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बैरियर के पास तैनात वन कर्मी कुछ पर्यटकों के साथ कथित तौर पर मारपीट करते नजर आ रहे हैं, जिससे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया है।

Forest officials beat up tourists in Tungnath

वायरल वीडियो में वर्दीधारी वन कर्मियों द्वारा डंडे चलाते हुए देखा जा सकता है। इस घटना के सामने आने के बाद लोगों के बीच कई सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह कार्रवाई उचित थी या इसमें जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया। मामले पर केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश दुबे ने स्पष्ट किया कि यह घटना हाल की नहीं है, बल्कि करीब डेढ़ सप्ताह पुरानी है। उन्होंने कहा कि वीडियो वायरल होने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। आगे पढ़िए..

ये भी पढ़ें:

छेड़छाड़ के आरोप के बाद हुआ हस्तक्षेप

वन विभाग के अनुसार, जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ पर्यटक ट्रैक पर जाते समय महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़ कर रहे थे। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर मौजूद वन कर्मियों ने हस्तक्षेप किया और हालात को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया गया।
इस मामले में अब तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद विभाग ने आंतरिक स्तर पर जांच शुरू कर दी है और पूरी घटना की जानकारी जुटाई जा रही है।

लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

घटना के बाद स्थानीय लोगों और पर्यटकों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग वन कर्मियों की कार्रवाई को अनुशासन बनाए रखने की कोशिश मान रहे हैं, जबकि अन्य लोग बिना स्पष्ट जांच के बल प्रयोग पर सवाल उठा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा और मर्यादा बनाए रखना बेहद जरूरी है, लेकिन किसी भी स्थिति में कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर ही की जानी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अनावश्यक स्थिति या विवाद से बचा जा सके।