देहरादून: उत्तराखंड में गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट खुलते ही चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। सतपाल महाराज ने यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 13 वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
Char Dham Travel Preparations Reviewed and 13 Alternate Routes Planned
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर व्यापक समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं। इस वर्ष चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए 13 वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जाएंगे। मंत्री ने पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, धर्मस्व एवं संस्कृति विभाग के अधिकारियों को इन मार्गों को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
बैठक में व्यवस्थाओं पर हुआ मंथन
शनिवार को यमुना कॉलोनी स्थित लोक निर्माण विभाग के सभागार में आयोजित बैठक में यात्रा से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर सभी जरूरी सुविधाएं समय पर दुरुस्त कर ली जाएं। मंत्री ने कहा कि यात्रा मार्ग पर बने स्थायी और अस्थायी शौचालयों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही पेट्रोल पंपों और होटलों में श्रद्धालुओं के लिए निश्शुल्क शौचालय और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आगे पढ़िए..
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ब्लैक स्पॉट और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान
बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भटवाड़ी, डबराड़ी और चड़ेथी जैसे क्षेत्रों में नदियों में सिल्ट जमा होने से बढ़ रहे जलस्तर को ध्यान में रखते हुए समय पर चैनलाइजेशन कार्य पूरा किया जाए। इसके अलावा ब्लैक स्पॉट की पहचान, संवेदनशील स्थानों की मैपिंग, जीपीएस आधारित मशीनरी ट्रैकिंग, वन-वे सिस्टम, डायवर्जन प्लान, रोड साइन, रिफ्लेक्टर और क्रैश बैरियर की स्थिति की समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि सड़कों के किनारे साइन बोर्ड के माध्यम से पेट्रोल पंप, अस्पताल और रेस्टोरेंट की दूरी स्पष्ट रूप से दर्शाई जाए। इससे यात्रियों को मार्ग में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
होटल और ढाबों के लिए दिशा-निर्देश
पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए होटल और ढाबों में स्वच्छता मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है। कर्मचारियों के लिए ग्लव्ज और सैनिटाइजर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही रेस्टोरेंट में निश्शुल्क शौचालय की उपलब्धता का संकेतक लगाना भी जरूरी किया गया है।