बागेश्वर: उत्तराखंड के एक ही जिले पर बड़ी आपदा का खतरा मंडरा रहा है। जिस जिले की हम बात कर रहे हैं, वो है बागेश्वर जिला, जहां बार बार लगातार भूकंप से झटके आ रहे हैं।
Big earthquake could strike bageshwar any time
भले ही भूकंप के ये झटके बड़ी तीव्रता वाले नहीं हैं, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि ये एक बहुत बड़े खतरे का संकेत है। आप ही अंदाजा लगाइए कि अगर किसी जगह 4 महीने में अगर 10 बार भूकंप आए तो चिंता बढ़ती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये छोटे भूकंप कभी भी एक विनाशकारी भूकंप का रूप ले सकते हैं। आज उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में भूकंप के तीन झटके महसूस किए गए। 10 दिन में ये चौथी बार है, जब बागेश्वर की धरती भूकंप से डोली हो। आगे पढ़िए...
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Bageshwar earthquake shock
आंकड़ों पर गौर करें तो, बागेश्वर में 13 जनवरी को 3.5 तीव्रता का भूकंप आया। 6 फरवरी को 3.4, 5 मार्च को 3.7, 21 मार्च को 2.5, 24 मार्च को 2.4, 19 अप्रैल को 3.1, 2.6, 2.8, 20 अप्रैल को 2.5 और 21 अप्रैल को 2.6 तीव्रता के भूकंप आए। सभी भूकंपों का केंद्र कपकोट और आसपास के इलाकों में रहा।
Uttarakhand earthquake scientific research
वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तराखंड भूकंप के जोन 5 और जोन 6 में आता है। यहां धरती के नीचे असीमित ऊर्जा पनप रही है। ये ऊर्जा छोटे छोटे रूप में फिलहाल बाहर निकल रही है लेकिन अभी खतरा टला नहीं है। कभी भी ये छोटे छोटे भूकंप एक विनाशकारी भूकंप का रूप ले सकते हैं। ये भूकंप करीब 8 रिक्टर स्केल तक का हो सकता है। देहरादून की वाडिया इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक अंदेशा जता चुके हैं कि पहाड़ों में और भी विनाशकारी स्थिति हो सकती है। इसलिए उत्तराखंड के लोगों को सावधान और बेहद सावधान रहने की जरूरत है। खासतौर पर धरती के दोहन पर हर हाल में रोक लगानी होगी।