श्रीनगर गढ़वाल: नगर निगम ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को नई दिशा देते हुए 150 टन प्रतिदिन क्षमता वाली ट्रॉमल मशीन का ट्रायल शुरू कर दिया है। यह पहल शहर को स्वच्छ, व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है।
Srinagar Garhwal to Become Hill Waste Management Model City
इस आधुनिक प्लांट में शहर का कचरा ट्रेचिंग ग्राउंड तक लाया जाएगा। ट्रॉमल मशीन से गीला और सूखा कचरा अलग किया जाएगा। इसके बाद गीले कचरे से जैविक खाद बनेगी और सूखे कचरे (प्लास्टिक, गत्ता, कपड़ा) को रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा।
कूड़े से बनेगा कमाई का जरिया
इस प्लांट की खासियत यह है कि कचरे से उपयोगी उत्पाद बनाए जाएंगे। गमले, खिलौने और अन्य घरेलू सामान तैयार होंगे, जिससे नगर निगम की आय में भी बढ़ोतरी होगी। आगे पढ़िए..
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परियोजना का शुभारंभ Aarti Bhandari और Nupur Verma ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। मेयर ने कहा “यह प्लांट श्रीनगर के लिए बड़ी उपलब्धि है और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करेगा।” नगर आयुक्त के अनुसार “इससे कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण और संसाधनों का पुनः उपयोग संभव होगा।”
पहाड़ का पहला आधुनिक प्लांट
यह प्लांट पूरी तरह शुरू होने के बाद पहाड़ी क्षेत्रों का पहला आधुनिक वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल बनेगा। इससे अन्य शहरों को भी प्रेरणा मिलेगी। प्रदूषण में कमी आएगी, कचरे का बेहतर प्रबंधन होगा और जैविक खाद से खेती को फायदा मिलेगा। यह पहल पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगी।