उत्तराखंड देहरादूनNEET Aspirant Dies After Falling from Hostel Balcony in Kota

Uttarakhand News: NEET एग्जाम से 1 दिन पहले हादसा! कोटा में उत्तराखंड के छात्र की संदिग्ध मौत

कोटा में NEET UG की तैयारी कर रहे 20 वर्षीय छात्र दीक्षित प्रसाद की हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। घटना परीक्षा से एक दिन पहले हुई, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

NEET UG student death Kota: NEET Aspirant Dies After Falling from Hostel Balcony in Kota
Image: NEET Aspirant Dies After Falling from Hostel Balcony in Kota (Source: Social Media)

देहरादून: कोटा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां NEET UG की तैयारी कर रहे उत्तराखंड के एक छात्र की मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब छात्र परीक्षा देने से सिर्फ एक दिन दूर था, जिससे पूरे मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

NEET Aspirant Dies After Falling from Hostel Balcony in Kota

जानकारी के अनुसार उत्तराखंड का 20 वर्षीय दीक्षित प्रसाद पिछले दो वर्षों से कोटा में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था और रविवार को होने वाली NEET परीक्षा देने वाला था। लेकिन शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे सूचना मिली कि छात्र हॉस्टल की तीसरी मंजिल की बालकनी से नीचे गिर गया है। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो छात्र गंभीर रूप से घायल अवस्था में हॉस्टल के बाहर पड़ा हुआ था। उसे तुरंत संभाला गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। शव को कब्जे में लेकर एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। आगे पढ़िए..

ये भी पढ़ें:

कुन्हाड़ी थाना अधिकारी देवेश भारद्वाज के अनुसार, पुलिस को सुबह घटना की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर देखा गया कि छात्र बालकनी से गिरा हुआ था। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह महज हादसा है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।

तकनीकी और अन्य पहलुओं पर जांच

पुलिस ने छात्र के कमरे को सील कर दिया है और वहां से किसी भी तरह का सुसाइड नोट या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। फिलहाल तकनीकी और अन्य पहलुओं पर जांच जारी है, जिसके बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। घटना की जानकारी छात्र के परिजनों को दे दी गई है। उनके कोटा पहुंचने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
यह घटना कोटा जैसे बड़े शिक्षा केंद्र में छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति को लेकर एक बार फिर चिंता पैदा करती है। परीक्षा के दबाव और अन्य परिस्थितियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिल सकेगा।