उत्तराखंड देहरादूनFake Rahul Gandhi Aide Cheats 25 Lakh in Dehradun

उत्तराखंड: राहुल गांधी का पीए बनकर 25 लाख की ठगी, देहरादून से गिरफ्तार हुआ शातिर ठग

देहरादून में एक शातिर ठग ने खुद को राहुल गांधी का पीए बताकर 25 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि वह कई राज्यों में इसी तरह की ठगी कर चुका है।

Dehradun fraud case: Fake Rahul Gandhi Aide Cheats  25 Lakh in Dehradun
Image: Fake Rahul Gandhi Aide Cheats 25 Lakh in Dehradun (Source: Social Media)

देहरादून: देहरादून में एक चौंकाने वाला ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक शातिर आरोपी ने खुद को Rahul Gandhi का निजी सचिव बताकर 25 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने पीड़िता को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने का झांसा दिया था।

Fake Rahul Gandhi Aide Cheats ₹25 Lakh in Dehradun

राज्य आंदोलनकारी और समाजसेवी भावना पांडे को आरोपी ने फोन कर खुद को “कनिष्क सिंह” बताया। उसने दावा किया कि वह राहुल गांधी का पीए है और उत्तराखंड में सर्वे कर उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बना सकता है। इसके बदले उसने 25 लाख रुपये की मांग की, जो पीड़िता ने नकद दे दिए। जब आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया, तो पीड़िता को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने राजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मोबाइल सर्विलांस और सीसीटीवी की मदद से आरोपी गौरव कुमार (निवासी अमृतसर, पंजाब) को जाखन स्थित पैसिफिक मॉल से गिरफ्तार कर लिया।

पहले भी कर चुका है करोड़ों की ठगी

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी पहले भी कई राज्यों में नेताओं को विधायक टिकट दिलाने के नाम पर ठगी कर चुका है।
जयपुर में 1.90 करोड़ रुपये
राजस्थान में 12 लाख रुपये
पटना में 3 लाख रुपये
पंजाब के विभिन्न जिलों में कई लोगों से ठगी

गिरोह में और भी सदस्य शामिल

इस मामले में अकेला गौरव कुमार शामिल नहीं था, बल्कि उसके गिरोह में छज्जू, रजत, मदन और मनिंदर सिंह कालू नाम के अन्य सदस्य भी शामिल हैं। पुलिस अब इनकी तलाश में जुटी हुई है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के पास कई बड़े कांग्रेस नेताओं की ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग थी। इन्हीं रिकॉर्डिंग के जरिए वह लोगों का भरोसा जीतता था और ठगी को अंजाम देता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कई कांग्रेस नेताओं को विधायक टिकट दिलाने का झांसा देकर ठगी का प्रयास किया। कुछ लोग इसका शिकार भी हुए, लेकिन कई मामलों में लोग सामने आने से बच रहे हैं।