चम्पावत: एक बेटी अपने पिता का इलाज कराने के लिए गांव लौटी थी। वो नाबालिग थी..उम्र सिर्फ 16 साल है। उस बिटिया की अस्मत को हैवानों ने तार-तार कर दिया। ये सत्य कथा उत्तराखंड की ही है, वो उत्तराखंड..जिसे देवभूमि कहा जाता है। जहां देवों का वास है, वहां तीन राक्षसों ने उसकी इज्जत तार-तार कर दी।
Minor girl gang-raped in Champawat
चंपावत की घटना से हर कोई हैरान-परेशान है। आज उस बिटिया के बेबस पिता कह रहे हैं कि- जिन्होंने मेरी बिटिया से अन्याय किया, कल मुझे उन दरिंदों का खून पीने से ही शांति मिलेगा। दुखद पहलू ये है कि बीजेपी नेता ने ही उसे कहीं का नहीं छोड़ा…पहले एक कमरे में बंद किया, निर्वस्त्र किया और फिर तीनों ने बारी-बारी से उस मासूम को छलनी कर दिया…वो बीजेपी नेता कौन है, इसका खुलासा जल्द होगा आगे पढ़िए..
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बेटी का सुख मिलना और उसकी रक्षा करना हर मा-बाप के लिए सबसे ऊपर है। मां-पिता की कोई संतान नही थी, अधेड़ अवस्था में घर में एक बिटिया का जन्म हुआ और उसकी सी हालत कर दी गई? कैसे समाज में जी रहे हैं हम लोग? 52 वर्ष की उम्र में पिता बने बुजुर्ग की इकलौती संतान को दरिंदों ने अपने हवस का शिकार बना दिया। आज पिता कराहते हुए कह रहे हैं कि दरिंदों ने मेरी प्यारी बच्ची की जान ले ली। बिटिया जब सिर्फ 6 महीने की थी, तो बीमारी के चलते उसकी मां का देहांत हो गया। घर में अब सिर्फ माँ और पिता हैं। उस बेटी के साथ राज्य समीक्षा खड़ा है। और वास्तव में वो बीजेपी नेता बचने ना पाए, जिसने पहाड़ की निर्भया की इज्जत तार-तार कर दी।