उत्तराखंड देहरादूनFASTag Entry System to Start in Mussoorie Soon

Uttarakhand news: देहरादून से मसूरी जाने वाले ध्यान दें, अब दो जगहों पर फास्ट टैग से कटेगी एंट्री फीस

मसूरी नगर पालिका और एनएच अधिकारियों के बीच एमओयू होने के बाद जल्द ही मालरोड और कोल्हूखेत बैरियर पर FASTag आधारित एंट्री शुल्क प्रणाली शुरू की जाएगी।

Mussoorie FASTag system: FASTag Entry System to Start in Mussoorie Soon
Image: FASTag Entry System to Start in Mussoorie Soon (Source: Social Media)

देहरादून: Mussoorie आने वाले पर्यटकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब मसूरी-देहरादून मार्ग पर स्थित कोल्हूखेत ईको शुल्क बैरियर और मालरोड एंट्री पॉइंट्स पर FASTag के जरिए प्रवेश शुल्क लिया जाएगा।

FASTag Entry System to Start in Mussoorie Soon

नई व्यवस्था के तहत Library Chowk, पिक्चर पैलेस बैरियर और कोल्हूखेत ईको शुल्क बैरियर पर FASTag सिस्टम लागू किया जाएगा। इससे बाहर से आने वाले पर्यटकों को नकदी रखने की परेशानी से राहत मिलेगी।
मसूरी नगर पालिका और भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड के बीच इस व्यवस्था को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी Gaurav Bhasin ने बताया कि फास्टैग सेवा शुरू करने के लिए संबंधित कंपनी को पत्र भेजा गया था।

ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण में मिलेगी मदद

प्रशासन का मानना है कि FASTag प्रणाली लागू होने से बैरियरों पर वाहनों की लंबी कतारें कम होंगी और ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु होगी। साथ ही टोल कलेक्शन प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और तेज बनेगी। कंपनी को साइट सर्वे और तकनीकी निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद निविदा प्रक्रिया पूरी कर तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन किया जाएगा। चयनित वेंडर के जरिए इस परियोजना को लागू किया जाएगा।

वर्तमान में कितना लिया जाता है शुल्क?

फिलहाल माल रोड बैरियर पर चौपहिया वाहनों से 150 रुपये, दोपहिया से 100 रुपये और व्यावसायिक चौपहिया वाहनों से 300 रुपये शुल्क लिया जाता है। वहीं रात में प्रवेश करने वाले ट्रकों से 500 रुपये तक शुल्क वसूला जाता है। इसके अलावा कोल्हूखेत ईको शुल्क बैरियर पर बस और ट्रक से 180 रुपये, मेटाडोर से 120 रुपये, कार से 60 रुपये और दोपहिया वाहन से 12 रुपये शुल्क लिया जा रहा है।
मसूरी में FASTag आधारित एंट्री शुल्क प्रणाली लागू होने से पर्यटन और यातायात व्यवस्था दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे यात्रियों को तेज और आसान प्रवेश सुविधा मिल सकेगी, जबकि प्रशासन को ट्रैफिक नियंत्रण में मदद मिलेगी।