उत्तराखंड देहरादूनUttarakhand Government Preparing New UCC Rules After Recent Amendments

यूसीसी में बड़ा बदलाव! अब दूसरी शादी और सीक्रेट लिव-इन रिलेशनशिप पड़ेगा भारी, सरकार बदल रही नियमावली

उत्तराखंड सरकार समान नागरिक संहिता (UCC) में संशोधन के बाद अब उसकी नियमावली में बदलाव की तैयारी कर रही है। नई प्रक्रिया के तहत जबरन विवाह, गलत जानकारी देकर शादी और अवैध लिव-इन संबंधों पर कार्रवाई के नियम स्पष्ट किए जाएंगे।

UCC Uttarakhand update: Uttarakhand Government Preparing New UCC Rules After Recent Amendments
Image: Uttarakhand Government Preparing New UCC Rules After Recent Amendments (Source: Social Media)

देहरादून: Uttarakhand सरकार समान नागरिक संहिता (UCC) में हाल ही में किए गए संशोधनों के बाद अब इसकी नियमावली में भी बदलाव करने जा रही है। शासन स्तर पर नई प्रक्रियाएं तय करने की तैयारी शुरू हो चुकी है, ताकि संशोधित कानून को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।

Uttarakhand Government Preparing New UCC Rules After Recent Amendments

सरकार द्वारा बजट सत्र में पारित संशोधन विधेयक में साफ किया गया था कि यदि कोई व्यक्ति बल, दबाव या धोखाधड़ी के जरिए विवाह करता है या किसी को लिव-इन रिलेशनशिप में रखता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में आरोपी को सात साल तक की सजा हो सकती है।
संशोधित प्रावधानों के अनुसार, बिना कानूनी रूप से संबंध विच्छेद किए दूसरी शादी करना या किसी अन्य व्यक्ति के साथ लिव-इन में रहना दंडनीय अपराध माना जाएगा। इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति पहले से लिव-इन संबंध में रहते हुए किसी दूसरे के साथ भी लिव-इन में रहता है, तो वह भी कानून के दायरे में आएगा।

नियमावली में तय होगी कार्रवाई की प्रक्रिया

सरकार अब यह स्पष्ट करने जा रही है कि किन मामलों में भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई होगी और किन मामलों में यूसीसी या बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम लागू होगा।
नई नियमावली में यह भी तय किया जाएगा कि गलत जानकारी देकर नाबालिग से विवाह करने पर क्या प्रक्रिया होगी।
अवैध तरीके से विवाह-विच्छेद करने वालों पर कैसे मुकदमा चलेगा।
लिव-इन मामलों में जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया क्या होगी।

शासन स्तर पर शुरू हुई कवायद

Shailesh Bagauli ने कहा कि शासन यह समीक्षा कर रहा है कि किन बिंदुओं पर नियमावली में बदलाव जरूरी है। जल्द ही संशोधित प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि स्पष्ट नियम और प्रक्रियाएं तय होने से यूसीसी के प्रावधानों को अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा। इससे विवाह और लिव-इन से जुड़े मामलों में कानूनी स्पष्टता भी बढ़ेगी। उत्तराखंड सरकार यूसीसी को सिर्फ कानून तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसकी प्रक्रिया को भी मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। आने वाले समय में विवाह और लिव-इन संबंधी मामलों में और सख्त निगरानी तथा स्पष्ट कानूनी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।