उत्तराखंड चम्पावतKamal Rawat Arrested in Champawat Minor Case

चम्पावत नाबालिग गैंगरेप केस में नया मोड़, कमल रावत और महिला मित्र गिरफ्तार

चंपावत में कथित नाबालिग गैंगरेप मामले की जांच में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए साजिश रची गई थी। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

Champawat gangrape case: Kamal Rawat Arrested in Champawat Minor Case
Image: Kamal Rawat Arrested in Champawat Minor Case (Source: Social Media)

चम्पावत: Champawat के चर्चित कथित नाबालिग गैंगरेप मामले में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच में यह मामला सुनियोजित षड़यंत्र के रूप में सामने आया है। पुलिस का दावा है कि बदले की भावना से निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश रची गई थी।

Kamal Rawat Arrested in Champawat Minor Case

इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी कमल सिंह रावत और उसकी महिला मित्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं तीसरे आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि नाबालिग बालिका को बंधक बनाकर उसका वीडियो बनाया गया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार इस पूरे घटनाक्रम का उद्देश्य कुछ निर्दोष लोगों को फर्जी मुकदमों में फंसाना था। आगे पढ़िए..

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थाना चंपावत क्षेत्र में राम सिंह रावत की तहरीर के आधार पर पुलिस ने कमल सिंह रावत, उसकी महिला मित्र और आनंद सिंह मेहरा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना के दौरान पॉक्सो एक्ट की धारा 16 और 17 भी बढ़ाई गई हैं।

पुलिस ने तुरंत की कार्रवाई

जांच के बाद पुलिस ने आरोपी कमल सिंह रावत और उसकी महिला मित्र को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। वहीं तीसरे आरोपी की तलाश और उससे संबंधित कानूनी कार्रवाई अभी जारी है।
Rekha Yadav ने कहा कि कानून का दुरुपयोग कर समाज में भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की गई है तथा किसी भी निर्दोष व्यक्ति को फंसाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।