रुद्रपुर: Rudrapur में नाबालिग से जुड़े गंभीर अपराध के मामले में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के उल्लंघन का बड़ा मामला सामने आया है। पीड़िता के साथ दुष्कर्म और समय पर मेडिकल परीक्षण न कराए जाने को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं।
Two women constables suspended in Rudrapur minor rape case
इस मामले में Ajay Ganpati ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रुद्रपुर कोतवाली की महिला हेल्प डेस्क में तैनात हेड कांस्टेबल पायल आर्या और कांस्टेबल मंजू आर्या को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच सीओ पंतनगर D.R. Verma को सौंपी गई है और सात दिन में रिपोर्ट तलब की गई है।
किशोरी 17 अप्रैल को हुई थी लापता
पुलिस के अनुसार रुद्रपुर निवासी किशोरी 17 अप्रैल को लापता हुई थी। आरोप है कि उसे यश प्रताप सिंह नाम का युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। परिजनों की सूचना पर 18 अप्रैल को किशोरी को उत्तर प्रदेश के बिरसुंडा थाना क्षेत्र से बरामद किया गया, लेकिन एसओपी के अनुसार उसका मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया। बाद में रुद्रपुर में कराए गए अल्ट्रासाउंड में किशोरी के गर्भवती होने की पुष्टि हुई। आगे पढ़िए..
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परिजनों का आरोप है कि पूछताछ में किशोरी ने बताया कि पंतनगर थाना क्षेत्र में उसके साथ दुष्कर्म हुआ। इस मामले में आरोप जब पीड़िता की मां ने मदद मांगी तो पंतनगर और रुद्रपुर पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की। महिला हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मियों ने सूचना तो दी, लेकिन उच्च अधिकारियों और कोतवाल को समय पर अवगत नहीं कराया, न ही तत्काल मेडिकल और कानूनी कार्रवाई की गई।
निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर की भूमिका की जांच
पुलिस जांच में सामने आया कि अल्ट्रासाउंड एक निजी केंद्र में कराया गया था। नियमों के अनुसार ऐसे मामलों में मेडिकल-लीगल केस की सूचना पुलिस को देनी अनिवार्य होती है। अब इस निजी केंद्र की भूमिका और संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार अब यह जांच की जा रही है कि दुष्कर्म की घटना कथित तौर पर कब और कहां हुई। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि आरोपी ने नशीला पदार्थ देकर वारदात को अंजाम दिया या नहीं। मामला बेहद संवेदनशील होने के कारण जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया जारी है।