उत्तराखंड चमोलीMissing Tamil Nadu Youth Found in Badrinath After Months

3 महीने पहले लापता हुआ बेटा बदरीनाथ में मिला; भर आई परिवार की आंखें; कहा- थैंक्स उत्तराखंड पुलिस

बदरीनाथ धाम में साधु वेश में रह रहे तमिलनाडु के लापता युवक को उत्तराखंड पुलिस ने परिवार से मिलाया। गूगल ट्रांसलेटर और पुलिस की सतर्कता से 2950 KM दूर बिछड़ा बेटा माता-पिता से मिलते ही रो पड़ा।

Badrinath missing youth found: Missing Tamil Nadu Youth Found in Badrinath After Months
Image: Missing Tamil Nadu Youth Found in Badrinath After Months (Source: Social Media)

चमोली: भगवान बदरी विशाल की पावन नगरी बदरीनाथ से मानवता, संवेदनशीलता और पुलिस की तत्परता की एक भावुक कहानी सामने आई है। करीब 2950 किलोमीटर दूर तमिलनाडु से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हुआ एक युवक बदरीनाथ धाम में साधु वेश में रह रहा था। उत्तराखंड पुलिस की सतर्कता और तकनीक की मदद से युवक को उसके परिवार से मिलाया गया। इस भावुक मिलन को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

Missing Tamil Nadu Youth Found in Badrinath After Months

बदरीनाथ पुलिस इन दिनों धाम क्षेत्र में “ऑपरेशन प्रहार” के तहत व्यापक सत्यापन अभियान चला रही है। इसी अभियान के दौरान पुलिस की नजर साधु वेश में घूम रहे एक युवक पर पड़ी। पूछताछ करने पर युवक हिंदी का एक भी शब्द नहीं बोल पाया, जिससे पुलिस को उस पर संदेह हुआ। गहन जांच में पता चला कि युवक तमिल भाषी है।

गूगल ट्रांसलेटर की मदद से हुई पहचान

भाषा की चुनौती के बीच आरक्षी चन्दन सिंह नगरकोटी ने गूगल ट्रांसलेटर की मदद से युवक से संवाद स्थापित किया। लगातार बातचीत और जानकारी जुटाने के बाद पता चला कि युवक तमिलनाडु के मदुरै जिले के असिनपट्टी थाना क्षेत्र का रहने वाला है। इसके बाद बदरीनाथ पुलिस ने असिनपट्टी पुलिस स्टेशन में तैनात हेड कांस्टेबल सेंथिल कुमार से संपर्क किया।

मार्च 2026 से लापता था युवक

पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया कि युवक का नाम सतीश है, जो मार्च 2026 से लापता था। उसके परिजनों ने पहले ही उसकी गुमशुदगी दर्ज करा रखी थी। बेटे के सुरक्षित होने की सूचना मिलते ही परिजन हवाई जहाज से देहरादून पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग के जरिए सीधे बदरीनाथ धाम पहुंचे। आगे पढ़िए..

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बदरीनाथ कोतवाली में जब महीनों बाद माता-पिता और बेटे का आमना-सामना हुआ तो माहौल बेहद भावुक हो गया। परिवार को देखते ही सतीश खुद को रोक नहीं पाया और माता-पिता से लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़ा। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों की आंखें भी नम हो गईं। सभी जरूरी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद पुलिस ने सतीश को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। भावुक परिजनों ने उत्तराखंड पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ मानो स्वयं भगवान नारायण ने उनका खोया हुआ संसार वापस लौटा दिया हो।

इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका

इस पूरे अभियान में थानाध्यक्ष नवनीत सिंह भंडारी, उपनिरीक्षक प्रकाश सिंह बिष्ट, आरक्षी चन्दन सिंह नगरकोटी, आरक्षी जसपाल सिंह राणा और आरक्षी गौरव रावत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की सतर्कता और मेहनत के कारण एक परिवार को उसका बिछड़ा बेटा वापस मिल सका। यह घटना केवल एक गुमशुदा युवक के मिलने की कहानी नहीं है, बल्कि यह पुलिस की संवेदनशीलता, तकनीक के सही इस्तेमाल और मानवता का भी बेहतरीन उदाहरण है। बदरीनाथ से सामने आई यह कहानी लोगों के दिलों को छू रही है।

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