उत्तराखंड रुद्रप्रयागGuptkashi Nagar Panchayat Takes Action After Garbage Video Goes Viral

Uttarakhand: किस बात की नगर पंचायत है गुप्तकाशी, ना तो कूड़े का निस्तारण; ऊपर से ऐसा महापाप?

गुप्तकाशी में खुले में कूड़ा फेंकने का वीडियो वायरल होने के बाद नगर पंचायत ने बड़ा एक्शन लिया। साइट इंचार्ज को हटाया गया और आउटसोर्सिंग एजेंसी पर ₹5000 का जुर्माना लगाया गया।

Guptkashi Nagar Panchaya: Guptkashi Nagar Panchayat Takes Action After Garbage Video Goes Viral
Image: Guptkashi Nagar Panchayat Takes Action After Garbage Video Goes Viral (Source: Social Media)

रुद्रप्रयाग: सोशल मीडिया पर खुले में कूड़ा डालने का एक वीडियो वायरल होने के बाद नगर पंचायत गुप्तकाशी हरकत में आ गई। वीडियो में नगर पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत खुले में कूड़ा फेंकते हुए दिखाई दे रहा था, जिसके बाद प्रशासन ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की।

Guptkashi Nagar Panchayat Takes Action After Garbage Video Goes Viral

नगर पंचायत गुप्तकाशी के अधिशासी अधिकारी भरत पंवार ने बताया कि नवगठित नगर पंचायत क्षेत्र में सफाई व्यवस्था आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से संचालित की जा रही है। नगर पंचायत बनने के बाद से ही क्षेत्र में नियमित सफाई और कूड़ा निस्तारण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत के पास फिलहाल कूड़ा निस्तारण के लिए स्थायी भूमि उपलब्ध नहीं है। इसी वजह से प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े के उचित निस्तारण में कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

होटलों में कूड़ा भरा पड़ा है

स्थानीय लोगों का आरोप है कि गुप्तकाशी नगर पंचायत में कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां नियमित रूप से दिखाई ही नहीं देती हैं। कई होटलों और बाजार क्षेत्रों में कूड़ा जमा होने लगा है, जिससे बदबू और गंदगी की समस्या बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि मजबूरी में कोई व्यक्ति नदी-नालों और गदेरों में कूड़ा फेंकता है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा? आगे पढ़िए..

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स्थानीय निवासियों ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या नगर पंचायत के जिम्मेदार लोगों को सिर्फ कुर्सी तोड़ने की आदत हो गई है। इसके साथ ही लोगों ने सफाई कर्मचारियों के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी आम लोगों से ढंग से बात तक नहीं करते। नगर पंचायत के सदस्यों को भी इन समस्याओं की कोई चिंता नहीं दिखाई दे रही है।

वीडियो वायरल होते ही हुई कार्रवाई

अधिशासी अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया में वीडियो प्रसारित होने के तुरंत बाद नगर पंचायत ने मामले की जांच शुरू कर दी। सफाई व्यवस्था से जुड़ी आउटसोर्सिंग एजेंसी के साइट इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इसके साथ ही संबंधित एजेंसी पर ₹5000 का चालान भी किया गया है। प्रशासन ने इस मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए सख्त कदम उठाए हैं।