देहरादून: उत्तराखंड के Chakrata क्षेत्र में कथित ‘लव जिहाद’ का मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। आरोप है कि फरमान नामक एक मुस्लिम युवक ने इंस्टाग्राम पर फर्जी हिंदू पहचान बनाकर एक विवाहित महिला को अपने प्रेम जाल में फंसाया और बाद में उस पर मतांतरण का दबाव बनाया। महिला के पति की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Fake Instagram Identity Used in Alleged Conversion Case in Uttarakhand
जानकारी के अनुसार देहरादून के चकराता निवासी व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कर अपनी तहरीर में बताया आरोपी Farman ने इंस्टाग्राम पर “अमन तोमर” नाम से फर्जी आईडी बनाकर उनकी पत्नी से दोस्ती की। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ती गई और आरोपी महिला को अपने प्रभाव में लेने लगा। आरोप है कि शुरुआत में उसने अपनी असली पहचान छिपाकर महिला को गुमराह किया।
महिला के पति का कहना है कि जब आरोपी को भरोसा हो गया कि महिला पूरी तरह उसके प्रभाव में आ चुकी है, तब उसने अपनी असली पहचान बताई। इसके बाद उसने महिला पर धर्मान्तरण कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी और उसके तीन बच्चे हैं, लेकिन इसके बावजूद आरोपी लगातार महिला को अपने साथ रखने की कोशिश कर रहा था।
महिला को देवबंद ले जाने की थी तैयारी
तहरीर के अनुसार 21 मई को महिला अपने मायके गई हुई थी। इसी दौरान पति को कुछ शक हुआ और वह भी वहां पहुंच गया। पति का आरोप है कि उसने कमरे में अपनी पत्नी को आरोपी फरमान के साथ देखा। दरवाजा खटखटाने पर आरोपी रोशनदान से कूदकर भाग निकला और पास की एक गोशाला में छिप गया। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी महिला को Deoband ले जाने की तैयारी में था, लेकिन पति के पहुंच जाने से उसकी योजना पूरी नहीं हो सकी। आगे पढ़िए..
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महिला के पति ने आरोप लगाया कि पकड़े जाने के बाद आरोपी ने गाली-गलौज की, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही आरोप है कि आरोपी ने ग्रामीणों के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी ने खुद को कुछ प्रभावशाली लोगों और मौलानाओं से जुड़ा बताया और धमकियां दीं।
कई लड़कियों को फंसाने के आरोप
तहरीर में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी पहले भी उत्तराखंड और हिमाचल की कई हिंदू लड़कियों को अपने जाल में फंसा चुका है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप कॉल और निजी फोटो-वीडियो का इस्तेमाल कर लड़कियों को ब्लैकमेल करता था। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
Uttarakhand Police ने आरोपी के खिलाफ उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम और मारपीट और धमकी से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
Krishna Kumar Singh के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। वहीं पूरे मामले की जांच Anuj Kumar को सौंपी गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।