उत्तराखंड देहरादूनKumar Vishwas Inspires Youth at Lekhak Gaon Literary Event

उत्तराखंड के लेखक गांव में साहित्य और संस्कृति पर मंथन, युवाओं को कुमार विश्वास ने दिया खास संदेश

Uttarakhand News: लेखक गांव में आयोजित सुमित्रानंदन पंत जयंती समारोह में कुमार विश्वास ने युवाओं को साहित्य पढ़ने और भारतीय संस्कृति से जुड़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम में कई साहित्यकार और शिक्षाविद शामिल हुए।

Kumar Vishwas: Kumar Vishwas Inspires Youth at Lekhak Gaon Literary Event
Image: Kumar Vishwas Inspires Youth at Lekhak Gaon Literary Event (Source: Social Media)

देहरादून: उत्तराखंड के लेखक गांव में Sumitranandan Pant Birth Anniversary Seminar के दौरान आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रख्यात कवि एवं कथावाचक Kumar Vishwas ने कहा कि लेखक गांव केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं है, बल्कि यह भारतीय साहित्य, संस्कृति और संवेदनाओं का जीवंत केंद्र बनता जा रहा है। यहां नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ना सीख रही है और भारतीय परंपराओं को समझ रही है।

Kumar Vishwas Inspires Youth at Lekhak Gaon Literary Event

यह संगोष्ठी ‘सुमित्रानंदन पंत साहित्य पर्यटन पथ’ विषय पर आयोजित की गई थी। कार्यक्रम के दौरान कुमार विश्वास ने युवाओं को साहित्य से जुड़ने का संदेश देते हुए कहा कि यदि किसी को अच्छी कविता लिखनी है, तो पहले उसे हजार कविताएं पढ़नी होंगी। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को मोबाइल स्क्रीन पर बिताए जाने वाले समय को सीमित करना चाहिए और किताबों तथा साहित्य के साथ अधिक समय बिताना चाहिए। उनका मानना है कि पढ़ने की आदत ही व्यक्ति को बेहतर सोच और रचनात्मकता की ओर ले जाती है।

भारतीय संस्कृति की ओर लौट रहे युवा

कुमार विश्वास ने खुशी जताते हुए कहा कि आज बड़ी संख्या में युवा भारतीय संस्कृति और परंपराओं की ओर लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस सकारात्मक बदलाव में लेखक गांव महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि लेखक गांव केवल साहित्यकारों का मंच नहीं है, बल्कि यह नई पीढ़ी को भारतीयता और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का माध्यम भी बन रहा है। Sumitranandan Pant को याद करते हुए कुमार विश्वास ने कहा कि प्रयागराज में रहने के बावजूद पंत जी ने हमेशा अपने भीतर उत्तराखंड और हिमालय की आत्मा को जीवित रखा। उन्होंने कहा कि पंत की कविताओं में प्रकृति की सुंदरता, हिमालय की चेतना और भारतीय संस्कृति की गहराई साफ दिखाई देती है। इस दौरान कुमार विश्वास ने अपनी प्रसिद्ध पंक्तियां — “मैं तुम्हें सपने देने आया हूं, बेचने नहीं” सुनाकर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आगे पढ़िए..

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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए Ramesh Pokhriyal Nishank ने कहा कि सुमित्रानंदन पंत की रचनाओं में हिमालय की चेतना, प्रकृति की पवित्रता और भारतीय संस्कृति की आत्मा समाहित है। उन्होंने कहा कि पंत का साहित्य भारतीय चिंतन और मानवीय मूल्यों का जीवंत दस्तावेज है। लेखक गांव इसी साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ाने का एक ईमानदार प्रयास है। पर्यावरणविद Kalyan Singh Rawat ने कहा कि साहित्य और प्रकृति का संबंध बेहद गहरा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को बचाने में साहित्यकारों की भूमिका सबसे अहम है।
Mayawati Dhakariyal ने युवाओं से पंत जी के जीवन से प्रेरणा लेने और अध्ययन, साहित्य तथा रचनात्मकता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कई साहित्यकार और कलाकार रहे मौजूद

इस कार्यक्रम में कई साहित्यकार, शिक्षाविद और कलाकार शामिल हुए। कार्यक्रम में Arushi Nishank, विदुषी निशंक, डॉ. कमला पंत, डॉ. विद्या सिंह, डॉ. शशांक शुक्ला, संजय मेहर, प्रोफेसर प्रदीप भारद्वाज, डॉ. राकेश सुंदरियाल और डॉ. बेचेन कंडियाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।