हरिद्वार: Paluni गांव में ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मौके पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मकान से कथित गोमांस बरामद किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक महिला को हिरासत में लिया, जबकि सात आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
Police Raid in Haridwar Village, Woman Detained in Cow Meat Case
Shahzad Ali ईद-उल-अजहा के मद्देनजर पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि मदरसे के पास स्थित एक दो मंजिला मकान में गोवंश का वध किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर छापेमारी की। पुलिस के अनुसार मकान के अंदर एक महिला मांस की काट-छांट करती मिली, जिसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया। वहीं घर के बाहर और आंगन में मौजूद अन्य लोग खेतों के रास्ते फरार हो गए। पुलिस ने पीछा किया, लेकिन आरोपी भागने में सफल रहे। आगे पढ़िए..
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पकड़ी गई महिला ने पूछताछ में बताया कि कुर्बानी के लिए उसके पति शमीम सहित तालिब, शम्श, कुर्बान, इकबाल उर्फ लंगड़ा, मेहरबान और अफरोज उर्फ फौजी निवासी नागल थाना Piran Kaliyar ने मिलकर गोवंश खरीदा था। आरोप है कि सभी आरोपी मिलकर पशु की कटान कर रहे थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कटान में इस्तेमाल की जा रही एक छुरी, छोटी कुल्हाड़ी और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस ने पूरे घटनास्थल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
पशु चिकित्साधिकारी ने किया मांस का परीक्षण
Dr. Ravindra Kumar मौके पर पहुंचे और बरामद मांस का परीक्षण किया। पुलिस के मुताबिक प्रथम दृष्टया मांस गोवंशीय प्रतीत हुआ है। अंतिम पुष्टि के लिए नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है।
रासायनिक प्रक्रिया के बाद नष्ट किए गए अवशेष
पशु चिकित्साधिकारी की निगरानी में बरामद मांस और अन्य पशु अवशेषों को रासायनिक प्रक्रिया के बाद गड्ढा खुदवाकर नष्ट कराया गया। प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी है।
उत्तराखंड गोवंश संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
थानाध्यक्ष Kamal Mohan Bhandari ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ उत्तराखंड गोवंश संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।