उत्तराखंड पिथौरागढ़9 NCC Cadets from Remote Uttarakhand School Selected in Indian Army

उत्तराखंड के इस स्कूल ने रचा इतिहास, एक साथ 9 NCC कैडेट्स का भारतीय सेना में चयन

पिथौरागढ़ के मुनस्यारी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज बांसबगड़ के 9 एनसीसी कैडेट्स का भारतीय सेना में चयन हुआ है। दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालय की इस उपलब्धि से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है।

Munsiyari Army Selection News: 9 NCC Cadets from Remote Uttarakhand School Selected in Indian Army
Image: 9 NCC Cadets from Remote Uttarakhand School Selected in Indian Army (Source: Social Media)

पिथौरागढ़: Munsiyari विकासखंड के तेजम तहसील स्थित दूरस्थ क्षेत्र के Government Inter College Bansbagad के लिए इस वर्ष ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। विद्यालय के 9 एनसीसी कैडेट्स का भारतीय सेना में चयन हुआ है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में चयन होने से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

9 NCC Cadets from Remote Uttarakhand School Selected in Indian Army

Government Inter College Bansbagad के एनसीसी प्रभारी Rajiv Kashyap ने बताया कि वर्षों से सेना में भर्ती होने का सपना देख रहे युवाओं के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष एनसीसी के 10 से 20 बोनस अंक मिलने से 9 कैडेट्स का चयन भारतीय सेना में हो सका। Rajiv Kashyap ने बताया कि बांसबगड़ इंटर कॉलेज में कुछ वर्ष पहले ही एनसीसी का संचालन शुरू हुआ था। अब इसका सकारात्मक परिणाम सामने आने लगा है और ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को इसका सीधा लाभ मिल रहा है। आगे पढ़िए..

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विद्यालय के प्रधानाचार्य Pradeep Prasad ने चयनित कैडेट्स और एनसीसी प्रभारी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये युवा देश सेवा में उत्कृष्ट योगदान देंगे और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेंगे।

सेना में चयनित हुए ये 9 कैडेट्स

लक्की सिंह बसेड़ा
महेश सिंह पंवार
चन्द्रमोहन सिंह बसेड़ा
हिमांशु शाही
दीपक सिंह धामी
मनोज सिंह बिष्ट
रमेश सिंह बसेड़ा
देवराज सिंह बिष्ट
दीपक सिंह

ग्रामीणों और शिक्षकों ने जताई खुशी

पीटीए अध्यक्ष अमृता, सीआरसी समन्वयक Jagdish Saklani, शिक्षक दीपक सिंह, गोवर्धन सिंह और कमलेश पंत सहित विद्यालय स्टाफ और ग्रामीणों ने चयनित कैडेट्स को शुभकामनाएं दीं। लोगों का कहना है कि दुर्गम क्षेत्र के युवाओं की यह सफलता पूरे इलाके के लिए प्रेरणादायक है। Tejam जैसे दुर्गम क्षेत्रों में संसाधनों की कमी के बावजूद युवाओं का सेना में चयन यह साबित करता है कि मेहनत और अनुशासन से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। इस उपलब्धि ने पूरे क्षेत्र में नई ऊर्जा और उत्साह भर दिया है।