हरिद्वार: शनिवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट ली और तेज अंधड़ तथा धूलभरी हवाओं ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। करीब दो बजे शुरू हुए तूफानी मौसम ने शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक भारी नुकसान पहुंचाया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के पोल गिर गए, जबकि आम और लीची की फसलों को भी भारी क्षति पहुंची।
Sudden Storm Causes Major Damage in Haridwar
हरिद्वार-देहरादून रेल मार्ग पर Motichur Railway Station के पास एक विशालकाय पेड़ टूटकर रेलवे ट्रैक पर गिर गया। सौभाग्य से घटना के समय कोई ट्रेन वहां से नहीं गुजर रही थी, जिससे बड़ा रेल हादसा टल गया। हालांकि पेड़ गिरने से ओवरहेड विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं और रेल संचालन प्रभावित रहा। रेलवे अधिकारियों, आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने मौके पर पहुंचकर पेड़ हटाने और बिजली लाइनों की मरम्मत का कार्य शुरू किया।
Har Ki Pauri के निकट अपर बाजार और मोती बाजार क्षेत्र में तेज हवाओं के कारण एक होटल के बड़े कांच के शीशे टूटकर सड़क पर गिर गए। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक यात्री के सिर पर कांच के टुकड़े गिरने से वह घायल हो गया। कई अन्य श्रद्धालु और राहगीर भी बाल-बाल बच गए। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने घायल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और उपचार के लिए अस्पताल भेजा।
पुलिस ने की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत
हरकी पैड़ी चौकी प्रभारी Sanjeet Kandari ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल यात्री को अस्पताल भिजवाया गया। सुरक्षा के मद्देनजर घटनास्थल के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई है और श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। आगे पढ़िए..
Raj Vihar Phase-2 स्थित डिवाइन लाइट स्कूल के पास एक विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर गिर गया। पेड़ की चपेट में आने से दो बिजली के पोल भी टूट गए, जिससे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सड़क अवरुद्ध होने से लोगों को आवाजाही में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
कई इलाकों में घंटों ठप रही बिजली
ज्वालापुर, भेल और रोशनाबाद क्षेत्रों में धूलभरी आंधी के कारण लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। ग्रामीण इलाकों में कई घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। तेज आंधी और तूफान का असर किसानों और बागवानों पर भी पड़ा है। आम और लीची की तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले आए तूफान से भी बागवानी को नुकसान हुआ था और अब दूसरे तूफानी अंधड़ ने किसानों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं। बागवानों और किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर फसलों और बागवानी को हुए नुकसान का आकलन करने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार खराब मौसम से उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है और आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए सहायता की आवश्यकता होगी।