देहरादून: उत्तराखंड के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला अस्पताल के आर्थोपेडिक वार्ड में चूहों और कॉकरोचों की भरमार से जुड़ा है। वार्ड के भीतर चूहों और कॉकरोचों के घूमने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन की स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
Rats and Cockroaches Found in Doon Hospital Ward
वायरल वीडियो में मरीजों के बेड, टेबल और पर्दों के आसपास बड़ी संख्या में कॉकरोच रेंगते दिखाई दे रहे हैं, जबकि बेड के नीचे चूहे दौड़ते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मरीजों, तीमारदारों और आम लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। यह वीडियो सामाजिक कार्यकर्ता सुखबीर बुटोला द्वारा अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा किया गया। उन्होंने पोस्ट के माध्यम से अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठाते हुए लिखा कि, "दून अस्पताल देहरादून इंसानों का अस्पताल है या कॉकरोचों का?" वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अस्पताल की साफ-सफाई और प्रबंधन व्यवस्था को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की है।
मरीजों के स्वास्थ्य पर बढ़ सकता है संक्रमण का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार अस्पतालों में चूहों और कॉकरोचों की मौजूदगी संक्रमण फैलने का बड़ा कारण बन सकती है। खासकर ऐसे वार्डों में जहां सर्जरी के बाद मरीज भर्ती रहते हैं या गंभीर रोगियों का उपचार चल रहा होता है, वहां स्वच्छता की कमी गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है। दून अस्पताल प्रदेशभर से आने वाले हजारों मरीजों का उपचार करता है। ऐसे में अस्पताल के भीतर की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल उठना स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.एस. बिष्ट ने कहा कि समस्या की जानकारी मिलने के बाद आवश्यक कदम उठाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पेस्ट कंट्रोल की प्रक्रिया पूरे वार्ड को खाली कराकर ही संभव है। वर्तमान में आर्थोपेडिक वार्ड में मरीजों का दबाव काफी अधिक है, जिसके कारण तत्काल कार्रवाई में व्यावहारिक कठिनाइयां हैं।
मरीजों को शिफ्ट कर कराया जाएगा पेस्ट कंट्रोल
डॉ. बिष्ट के अनुसार अस्पताल प्रशासन जल्द ही मरीजों को अन्य वार्डों में स्थानांतरित कर व्यापक पेस्ट कंट्रोल अभियान चलाएगा। उनका कहना है कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे ताकि मरीजों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर फिर उठे सवाल
दून अस्पताल राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। ऐसे में वार्डों के भीतर चूहों और कॉकरोचों की मौजूदगी ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और स्वच्छता मानकों पर नए सिरे से बहस छेड़ दी है। लोगों का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।