उत्तराखंड रामनगरIndian Ship Captain Ajay Pant Held in UK India Extends Support

उत्तराखंड: ब्रिटेन में कैद रामनगर के कैप्टेन कैलाश पंत, हो सकती है 10 साल की सजा.. एक्शन में CM धामी

उत्तराखंड के रामनगर निवासी कैप्टन अजय पंत ब्रिटेन में न्यायिक हिरासत में हैं। भारतीय हाई कमीशन ने उनसे संपर्क कर स्वास्थ्य और कानूनी सहायता की जानकारी ली है। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई 2026 को होगी।

Captain Ajay Pant: Indian Ship Captain Ajay Pant Held in UK  India Extends Support
Image: Indian Ship Captain Ajay Pant Held in UK India Extends Support (Source: Social Media)

रामनगर: कैप्टन अजय पंत के ब्रिटेन में हिरासत में लिए जाने के मामले में भारतीय हाई कमीशन सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों के बाद उच्चायोग ने जानकारी दी कि कैप्टन पंत फिलहाल एचएमपी विनचेस्टर जेल में न्यायिक हिरासत में हैं और उन्हें आवश्यक कांसुलर सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

Indian Ship Captain Ajay Pant Held in UK, India Extends Support

भारतीय उच्चायोग के अनुसार 19 जून 2026 को जेल के टेलीफोन सिस्टम के माध्यम से कैप्टन अजय पंत से संपर्क स्थापित किया गया। बातचीत के दौरान कैप्टन पंत ने बताया कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति सामान्य है और उन्हें जेल प्रशासन की ओर से आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वे नियमित रूप से अपनी पत्नी ऋतु पंत के संपर्क में हैं। भारतीय हाई कमीशन ने बताया कि वह कैप्टन अजय पंत की पत्नी ऋतु पंत, उनके नियोक्ता एनर्जियोस मैरीटाइम प्राइवेट लिमिटेड, कानूनी प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है। कंपनी की ओर से भी कैप्टन पंत को पूर्ण कानूनी सहायता और परिवार को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।

मुख्यमंत्री धामी ने दिया पूरा सहयोग का भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार अपने नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और भारतीय हाई कमीशन के साथ लगातार संपर्क में है ताकि कैप्टन अजय पंत को हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा सके। आगे पढ़िए..

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क्या है पूरा मामला?

38 वर्षीय कैप्टन अजय पंत नैनीताल जिले के रामनगर के निवासी हैं और अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकर MV Smyrtos के कप्तान थे। यह जहाज 4 जून 2026 को रूस के उस्त-लूगा टर्मिनल से लगभग 1,01,400 टन उराल क्रूड ऑयल लेकर गुजरात के सिक्का पोर्ट के लिए रवाना हुआ था। 14 जून को इंग्लिश चैनल से गुजरते समय ब्रिटिश रॉयल मरीन कमांडो ने हेलीकॉप्टर की सहायता से जहाज पर उतरकर उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। इसके बाद जहाज और उसके संचालन से जुड़े लोगों के खिलाफ जांच शुरू की गई।

रूस प्रतिबंध कानून उल्लंघन का आरोप

ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) का आरोप है कि यह जहाज रूस की तथाकथित "शैडो फ्लीट" का हिस्सा था। एजेंसी के अनुसार इस नेटवर्क का इस्तेमाल पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को दरकिनार कर रूसी तेल के परिवहन के लिए किया जाता है।
कैप्टन अजय पंत पर रूस (Sanctions) Regulations 2019 के नियम 46Z9B के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। उन पर प्रतिबंधित रूसी तेल या तेल उत्पादों की प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष आपूर्ति में भूमिका निभाने का मामला दर्ज किया गया है।

16 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

ब्रिटिश अदालत में पेशी के बाद कैप्टन अजय पंत को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो ब्रिटिश कानून के तहत उन्हें अधिकतम 10 वर्ष तक की सजा का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, अभी मामला न्यायालय में विचाराधीन है और अंतिम निर्णय अदालत द्वारा ही लिया जाएगा।