रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम की हवाई यात्रा की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण खबर है। प्रशासन ने फिलहाल केदारनाथ हेलीकॉप्टर सेवाओं को 30 जून 2026 तक स्थगित कर दिया है। अब जुलाई में सेवाएं दोबारा शुरू होंगी या नहीं, इसका फैसला 29 जून को नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की बैठक में लिया जाएगा।
Kedarnath Helicopter Services Suspended Till June 30
हेली सेवा के नोडल अधिकारी राहुल चौबे के अनुसार, सुरक्षा और मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए फिलहाल 30 जून तक सभी नियमित हेलीकॉप्टर सेवाएं स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद मौसम, तकनीकी मानकों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।
29 जून की DGCA बैठक होगी निर्णायक
जानकारी के अनुसार, वर्षाकाल में हेलीकॉप्टर सेवाओं के संचालन को लेकर अंतिम निर्णय 29 जून को होने वाली DGCA की बैठक में लिया जाएगा। यदि बैठक में मौसम और सुरक्षा मानकों को अनुकूल पाया गया, तो सीमित स्तर पर सेवाएं दोबारा शुरू की जा सकती हैं। हालांकि फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
फाटा और केदारघाटी से हटाए गए अधिकांश हेलीकॉप्टर
हेली ऑपरेटरों के मुताबिक, फिलहाल अधिकांश हेलीकॉप्टरों को फाटा और केदारघाटी से वापस हटा लिया गया है। आमतौर पर यदि जुलाई में सेवाएं जारी रखनी होतीं, तो इस समय तक अगले चरण की ऑनलाइन टिकट बुकिंग शुरू हो जाती। लेकिन अभी तक बुकिंग को लेकर कोई सूचना जारी नहीं होने से श्रद्धालुओं के बीच असमंजस बना हुआ है।
मानसून को देखते हुए लिया गया फैसला
हर वर्ष जून के अंतिम सप्ताह में मानसून सक्रिय होने के बाद केदारनाथ क्षेत्र में मौसम तेजी से बदलता है। इसी कारण अधिकांश हेलीकॉप्टर कंपनियां नियमित संचालन बंद कर देती हैं। हालांकि पिछले तीन वर्षों में सीमित स्तर पर मानसून के दौरान भी हेली सेवाएं संचालित की गई थीं, लेकिन इस बार सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, मानसून के दौरान यदि आवश्यकता पड़ी तो प्रशासन आपातकालीन राहत, बचाव और मेडिकल जरूरतों के लिए एक या दो हेलीकॉप्टर उपलब्ध रख सकता है। नियमित यात्री सेवाओं पर अंतिम निर्णय डीजीसीए की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा।
श्रद्धालुओं को क्या करना चाहिए?
29 जून की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें।
फिलहाल नई हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग की योजना न बनाएं।
केवल अधिकृत सरकारी पोर्टल और हेली ऑपरेटरों की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।
मौसम और यात्रा संबंधी अपडेट नियमित रूप से देखते रहें।