उत्तराखंड देहरादूनSuraj Seva Dal Demands Resignation of Uttarakhand DGP Deepam Seth

Dehradun News: रुद्रप्रयाग-कर्णप्रयाग घटनाओं पर जोरदार प्रदर्शन, देहरादून में DGP दीपम सेठ को हटाने की उठी मांग

देहरादून में डीजीपी दीपम सेठ के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन। राज्य में बढ़ती अराजकता, नशे पर नियंत्रण में कथित विफलता और रुद्रप्रयाग-कर्णप्रयाग घटनाओं को लेकर पुलिस प्रशासन पर सवाल।

DGP Deepam Seth: Suraj Seva Dal Demands Resignation of Uttarakhand DGP Deepam Seth
Image: Suraj Seva Dal Demands Resignation of Uttarakhand DGP Deepam Seth (Source: Social Media)

देहरादून: सुराज सेवा दल ने पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए और पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की।

Suraj Seva Dal Demands Resignation of Uttarakhand DGP Deepam Seth

प्रदर्शन के दौरान सुराज सेवा दल ने आरोप लगाया कि राज्य में बढ़ती अराजकता, नशे की रोकथाम में कथित विफलता तथा हाल के रुद्रप्रयाग और कर्णप्रयाग से जुड़े घटनाक्रमों से पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं। संगठन का कहना है कि इन मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है।

हालिया घटनाओं के बाद बढ़ी बहस

हाल के दिनों में कर्णप्रयाग में स्थानीय लोगों और कुछ निहंग व्यक्तियों के बीच हुई हिंसक झड़प तथा उसके बाद रुद्रप्रयाग के नागरासू क्षेत्र में कई दिनों तक चले गतिरोध ने पूरे राज्य का ध्यान आकर्षित किया। बाद में प्रशासन और प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद स्थिति सामान्य हुई। आगे पढ़िए..

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इसके बाद उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर भी निहंग समूह और पुलिस के बीच तनाव की घटनाएं सामने आईं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई।

डीजीपी दीपम सेठ के इस्तीफे की मांग

प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने डीजीपी के इस्तीफे की मांग करते हुए राज्य सरकार से पुलिस व्यवस्था की समीक्षा करने की अपील की। कुछ समय के लिए प्रदर्शन स्थल पर नारेबाजी और हंगामे का माहौल रहा। पुलिस बल ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी और स्थिति को नियंत्रित रखा।

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज

डीजीपी के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए इस प्रदर्शन के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था, पुलिस सुधार और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की नजर अब सरकार के अगले कदम पर टिकी है। समाचार लिखे जाने तक उत्तराखंड पुलिस या राज्य सरकार की ओर से सुराज सेवा दल द्वारा उठाई गई मांगों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।