चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले से एक महत्वपूर्ण न्यायिक अपडेट सामने आया है। गोपेश्वर जिला एवं सत्र न्यायालय ने कर्णप्रयाग में 16 जून को हुई हिंसक झड़प के मामले में न्यायिक हिरासत में बंद चार निहंग सिखों की जमानत मंजूर कर ली है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश विंध्याचल सिंह ने जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के बाद उन्हें स्वीकार करते हुए आरोपियों की रिहाई का आदेश दिया।
Chamoli Court Grants Bail to Four Nihang Sikhs Arrested in Karnaprayag Clash Case
16 जून 2026 को चमोली जिले के कर्णप्रयाग बाजार में हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे कुछ निहंग श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच कथित रूप से एक मामूली विवाद हुआ, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस के अनुसार, इस घटना में धारदार हथियारों का इस्तेमाल हुआ और कई स्थानीय लोग घायल हुए। इसके बाद पुलिस ने चार निहंग सिखों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था।
चार की हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस ने घटना के बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। प्रारंभिक चरण में तीन आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, जबकि एक आरोपी का इलाज पुलिस निगरानी में कराया गया। बाद में सभी न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल में रहे। आगे पढ़िए..
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कोर्ट ने क्या कहा?
जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद चारों आरोपियों की जमानत याचिकाएं स्वीकार कर लीं। जमानत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि मामला समाप्त हो गया है। मुकदमे की सुनवाई नियमानुसार आगे भी जारी रहेगी और आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर दिया जाएगा।
घटना के बाद बढ़ा तनाव
कर्णप्रयाग की घटना के बाद उत्तराखंड में कई स्थानों पर तनाव का माहौल बन गया था। रुद्रप्रयाग के नागरासू स्थित गुरुद्वारे में कुछ निहंगों द्वारा धरना देने और बाद में पंजाब से आए प्रतिनिधिमंडलों द्वारा निष्पक्ष जांच की मांग किए जाने के बाद प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की थी। राज्य सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन भी दिया था।
जांच और मुकदमे की प्रक्रिया जारी
जमानत आदेश के बावजूद पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेंगी। अदालत में साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर मामले की सुनवाई होगी। कानून के अनुसार, किसी भी आरोपी को दोष सिद्ध होने तक निर्दोष माना जाता है।