हरिद्वार: बहादराबाद थाना क्षेत्र में फरवरी 2026 में हुई महिला की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। विस्तृत जांच और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की रिपोर्ट के आधार पर मृतका के पति को गिरफ्तार कर लिया गया है।
Husband Arrested for Allegedly Murdering His Wife
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने इलाज के बहाने पत्नी को पानी में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतका के भाई मोहम्मद अनीश ने 4 फरवरी 2026 को पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी बहन को उसके पति ने दवा के नाम पर जहरीला पदार्थ दिया, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
एफएसएल रिपोर्ट से हुई जहरीले पदार्थ की पुष्टि
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए और पोस्टमार्टम के बाद विसरा परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा। एफएसएल रिपोर्ट में महिला की मौत जहरीले पदार्थ के सेवन से होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने अन्य साक्ष्यों के साथ मामले की जांच आगे बढ़ाई और आरोपी की भूमिका स्पष्ट होने पर गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की।
फरार आरोपी हाईवे के पास से गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार फरार चल रहा था। 27 जून को सूचना मिली कि वह क्षेत्र छोड़कर भागने की तैयारी में बढ़ेड़ी राजपूतान हाईवे पुल के पास मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी अफजाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पत्नी की लंबे समय से चल रही बीमारी से परेशान था और इसी वजह से उसने जहरीला पदार्थ देकर उसकी हत्या कर दी।
20 साल पहले हुई थी शादी
पुलिस के अनुसार मृतका की शादी करीब 20 वर्ष पहले हुई थी। परिवार का आरोप है कि वह पिछले चार वर्षों से बीमार थी, लेकिन आरोपी उसका समुचित इलाज नहीं करा रहा था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने खेतों में इस्तेमाल होने वाली जहरीली दवा दवा में मिलाकर पत्नी को पिला दी। तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बताया गया कि अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान महिला के बयान भी मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किए गए थे।
वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हुई कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में वैज्ञानिक साक्ष्यों और फॉरेंसिक रिपोर्ट को प्राथमिकता दी गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।