उत्तराखंड देहरादूनFormer Uttarakhand Chief Secretary Son Arrested in Fraud Case

उत्तराखंड: पूर्व मुख्य सचिव का बेटा गिरफ्तार, फर्जी IPS बनकर डॉक्टरों समेत कई लोगों को ठगा

उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी के बेटे यशवर्धन को कथित ठगी के मामले में दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का आरोप है कि वह खुद को IPS अधिकारी बताकर डॉक्टरों और अन्य लोगों से धोखाधड़ी करता था। मामले की जांच जारी है।

Yashvardhan Arrested: Former Uttarakhand Chief Secretary Son Arrested in Fraud Case
Image: Former Uttarakhand Chief Secretary Son Arrested in Fraud Case (Source: Social Media)

देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी के बेटे यशवर्धन को कथित धोखाधड़ी के मामले में दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) का अधिकारी बताकर लोगों का विश्वास जीतता था और फिर विभिन्न बहानों से उनसे कथित रूप से पैसे ऐंठता था। मामले में पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

Former Uttarakhand Chief Secretary's Son Arrested in Fraud Case

प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी डॉक्टरों और अन्य लोगों से संपर्क कर खुद को एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी बताता था। पुलिस का कहना है कि प्रभावशाली पहचान का दावा कर वह लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश करता था। इसके बाद कथित रूप से निवेश, सरकारी कार्य कराने या अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर मदद दिलाने जैसे बहाने बनाकर लोगों से धनराशि लेने का आरोप है। आगे पढ़िए..

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मामले की शिकायत मिलने पर राजपुर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी की लोकेशन दिल्ली में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने दिल्ली पहुंचकर कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया आरोपी

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड के लिए संबंधित न्यायालय में पेश किया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए उत्तराखंड लाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ राजपुर थाने में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं और दोनों मामलों की जांच जारी है।

अन्य शिकायतों की भी जांच

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी ने इसी तरीके से और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया। यदि जांच के दौरान अन्य पीड़ित सामने आते हैं, तो उनके बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है और आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया एवं जांच पूरी होने के बाद ही होगी।