उत्तराखंड देहरादूनUttarakhand Voter List Verification Notices Issued to Ministers MLAs and Offic

उत्तराखंड: SIR में वोटर लिस्ट की बड़ी जांच, कमिश्नर समेत कई बड़े नेताओं को मिला नोटिस

उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत मंत्री, विधायक, वरिष्ठ अधिकारियों और खुद मुख्य निर्वाचन अधिकारी तक को नोटिस जारी किए गए हैं। जानिए क्या है पूरा मामला।

Uttarakhand Voter List Update: Uttarakhand Voter List Verification Notices Issued to Ministers MLAs and Offic
Image: Uttarakhand Voter List Verification Notices Issued to Ministers MLAs and Offic (Source: Social Media)

देहरादून: उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत नाम, पता और रिकॉर्ड में त्रुटियों को सुधारने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में केवल आम मतदाताओं ही नहीं, बल्कि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को भी नोटिस जारी किए गए हैं।

Uttarakhand Voter List Verification: Notices Issued to Ministers, MLAs and Officials

प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम को उनके पिता के नाम की वर्तनी में विसंगति पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया। उन्होंने संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (BLO) को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराकर मामले का निस्तारण कराया। इसी तरह कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, काशीपुर एसडीएम अभय प्रताप सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी सीमा बंग्वाल और एपीडी विम्मी जोशी को भी नाम या पते में त्रुटियों के कारण नोटिस मिले।

कई दलों के नेताओं को भी नोटिस

विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान कई जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को भी दस्तावेज सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से विधायक सविता कपूर (विवाह के बाद नाम संशोधन), रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ (नाम में संशोधन), नैनीताल विधायक सरिता आर्या (पता सुधार), खटीमा विधायक भुवन चंद्र कापड़ी और उनके परिवार, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के पुत्र संजीव आर्य एवं परिवार और यूकेडी अध्यक्ष शिव शंकर भाटिया समेत भाजपा, कांग्रेस और अन्य दलों के कई पदाधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व विधायक, पूर्व जनप्रतिनिधि, साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी मतदाता सूची में दर्ज विवरण के सत्यापन के लिए नोटिस भेजे गए हैं।

19 लाख से अधिक मतदाताओं तक पहुंचे नोटिस

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत लगभग 24 लाख नोटिस जारी किए जाने थे, जिनमें से अब तक करीब 19 लाख (77 प्रतिशत) नोटिस संबंधित मतदाताओं तक पहुंच चुके हैं। अब तक विभाग को फॉर्म-6 के लगभग 93 हजार आवेदन, फॉर्म-7 के 1.39 लाख आवेदन, और फॉर्म-8 के 40 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को मिलेगी घर पर सुविधा

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों के साथ हुई बैठक में निर्देश दिए कि 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों तथा दिव्यांग मतदाताओं के मामलों में सुनवाई और आवश्यक कार्रवाई उनके घर जाकर की जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी न हो।

राजनीतिक दलों के लिए भी तय किए गए नियम

निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक मतदाता अधिकतम पांच दावे या आपत्तियां प्रस्तुत कर सकता है। किसी राजनीतिक दल का बूथ लेवल एजेंट (BLA) एक दिन में अधिकतम 10 फॉर्म जमा कर सकता है। यदि पुनरीक्षण अवधि में किसी BLA द्वारा 30 से अधिक फॉर्म जमा किए जाते हैं, तो संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) स्वयं जांच और सत्यापन करेंगे।

कांग्रेस ने फर्जी शिकायतों का मुद्दा उठाया

कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान कथित फर्जी ऑनलाइन शिकायतों का मुद्दा मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष उठाया। पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आरोप लगाया कि अज्ञात और कथित फर्जी शिकायतों के आधार पर वैध मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्होंने ऐसे मामलों की जांच कर झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।