हरिद्वार: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। हरिद्वार जिले में सरकारी काम और योजना का लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में दो अधिकारियों को विजिलेंस टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों मामलों में आरोपियों पर शिकायतों के सत्यापन के बाद ट्रैप की कार्रवाई की गई। एक अधिकारी को 10 हजार रुपये, जबकि दूसरे को 35 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते पकड़ा गया।
Two officials arrested for taking bribes in Haridwar.
पहला मामला खानपुर विकासखंड से सामने आया है। जानकारी के अनुसार, खानपुर निवासी एक व्यक्ति के भाई ने कृषि यंत्र खरीदने के लिए सरकारी सब्सिडी का आवेदन किया था। आरोप है कि आवेदन की फाइल आगे बढ़ाने और योजना का लाभ दिलाने के एवज में खानपुर विकासखंड में तैनात सहायक कृषि अधिकारी हरिओम यादव ने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। रिश्वत की मांग से परेशान शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत सतर्कता अधिष्ठान से की। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई गई।
10 हजार रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा
18 अगस्त 2026 को विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। जैसे ही आरोपी अधिकारी ने कथित तौर पर 10 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आगे पढ़िए..
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नारसन ब्लॉक में 35 हजार की रिश्वत लेते अधिकारी गिरफ्तार
दूसरी कार्रवाई नारसन ब्लॉक में हुई। यहां पीआरडी क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी कुलदीप को कथित तौर पर 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार किया। जानकारी के मुताबिक, ग्राम मुंडियकी निवासी एक व्यक्ति ने सतर्कता विभाग में शिकायत की थी कि ब्लॉक से जुड़े एक काम को कराने के एवज में अधिकारी द्वारा 35 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत के बाद सतर्कता विभाग ने आरोपों का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए ट्रैप तैयार किया गया।
500-500 रुपये के 35 हजार रुपये बरामद
18 अगस्त को देहरादून से पहुंची विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी को कथित तौर पर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। टीम के अनुसार, आरोपी के पास से 500-500 रुपये के नोटों में कुल 35 हजार रुपये बरामद किए गए। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने ब्लॉक परिसर में ही आरोपी से पूछताछ की और मामले से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच शुरू कर दी।
दो कार्रवाई से हरिद्वार के विभागों में हड़कंप
एक ही दिन में सरकारी योजना और सरकारी काम कराने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में दो अधिकारियों की गिरफ्तारी से संबंधित विभागों में हड़कंप मचा हुआ है। विजिलेंस टीम अब दोनों मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। इन दोनों मामलों में कुल 45 हजार रुपये की कथित रिश्वत की ट्रैप कार्रवाई हुई है। सतर्कता विभाग की कार्रवाई से यह संदेश भी स्पष्ट है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने की शिकायतों पर सत्यापन के बाद कानूनी कार्रवाई की जा रही है।