देहरादून: उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को जिला मुख्यालयों से बाहर तक बेहतर तरीके से पहुंचाने की दिशा में सरकार नई व्यवस्था पर विचार कर रही है। इसके तहत मेडिकल कॉलेजों के आसपास स्थित कुछ जिला अस्पतालों को दूसरे क्षेत्रों में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
Uttarakhand May Shift District Hospitals to New Locations
सरकार का मानना है कि इससे मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में विकसित किया जा सकेगा और जिला मुख्यालय से दूर रहने वाली आबादी को भी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
प्रस्तावित योजना के तहत देहरादून जिला अस्पताल को विकासनगर स्थानांतरित किए जाने की संभावना पर चर्चा हो रही है। विकासनगर क्षेत्र और आसपास के इलाकों की बड़ी आबादी को जिला स्तर की स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए देहरादून पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में अस्पताल को विकासनगर ले जाने से पश्चिमी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत हो सकती है। हालांकि, यह अभी केवल प्रस्ताव के स्तर पर है और अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
इसी तरह हरिद्वार जिला अस्पताल को रुड़की स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है।
रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी आबादी रहती है। अस्पताल के स्थानांतरण से जिला मुख्यालय से बाहर रहने वाले लोगों को जिला स्तर की चिकित्सा सेवाएं उनके अपेक्षाकृत नजदीक मिल सकेंगी।
प्रस्ताव में अल्मोड़ा जिला अस्पताल को रानीखेत स्थानांतरित करने की संभावना भी शामिल है। रानीखेत और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों के लिए जिला स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से इस विकल्प पर विचार किया जा रहा है। आगे पढ़िए..
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मेडिकल कॉलेजों के कारण सेवाएं कुछ क्षेत्रों में केंद्रित
उत्तराखंड में वर्तमान में श्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार और अल्मोड़ा में मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। वहीं रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में मेडिकल कॉलेजों का निर्माण चल रहा है। कई स्थानों पर जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज परिसर में या उसके आसपास संचालित हो रहे हैं। इसके कारण विशेषज्ञ डॉक्टरों, जांच और अन्य उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मुख्य रूप से इन्हीं क्षेत्रों में केंद्रित हो गया है। सरकार अब ऐसी व्यवस्था बनाने पर विचार कर रही है, जिसमें मेडिकल कॉलेजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, जबकि जिला अस्पतालों के माध्यम से अन्य क्षेत्रों तक सामान्य और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जाए।
अंतिम फैसला लेने से पहले होगा प्रस्ताव का परीक्षण
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के अनुसार जिला अस्पतालों को शिफ्ट करने के प्रस्ताव का पहले परीक्षण कराया जाएगा। अस्पतालों की लोकेशन बदलने से पहले संबंधित क्षेत्र की आबादी, मरीजों की संख्या, उपलब्ध संसाधन, भवन और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव समेत सभी पहलुओं का आकलन किया जाएगा। यानी फिलहाल देहरादून, हरिद्वार और अल्मोड़ा जिला अस्पतालों की शिफ्टिंग को लेकर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
सरकार का क्या है उद्देश्य?
सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण करना है। मेडिकल कॉलेजों में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने के साथ जिला अस्पतालों को ऐसे क्षेत्रों में स्थापित करने पर विचार किया जा रहा है, जहां बड़ी आबादी को जिला स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो विकासनगर, रुड़की और रानीखेत समेत आसपास के क्षेत्रों के लोगों को जिला अस्पताल की सुविधाएं अधिक नजदीक मिल सकती हैं।