देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है और प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों और यात्राओं के जरिए संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, पार्टी के भीतर समय-समय पर सामने आने वाली गुटबाजी और नेताओं के बीच मतभेद कांग्रेस की चुनौती बढ़ा रहे हैं। ताजा मामला देहरादून के कौलागढ़ क्षेत्र का है, जहां कांग्रेस की संकल्प यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में पार्टी की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत भी शामिल हुए। आरोप है कि स्थानीय कांग्रेस नेताओं को इस कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई।
Fresh Infighting Erupts in Uttarakhand Congress
संकल्प यात्रा में स्थानीय नेताओं की अनदेखी से नाराज कांग्रेस की ओबीसी विभाग की राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर पिया थापा ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पहुंचकर विरोध जताया। पिया थापा का आरोप है कि उनके क्षेत्र में कांग्रेस का कार्यक्रम आयोजित होने के बावजूद उन्हें न तो यात्रा की जानकारी दी गई और न ही इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया। उन्होंने विरोध दर्ज कराते हुए कांग्रेस महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर गोगी का पोस्टर फाड़ दिया।
गोरखा प्रकोष्ठ अध्यक्ष को भी नहीं मिली जानकारी
जानकारी के अनुसार, कौलागढ़ क्षेत्र में निकली संकल्प यात्रा की सूचना कांग्रेस के गोरखा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष और स्थानीय निवासी अनिल बस्नेत को भी नहीं दिए जाने का आरोप है। पिया थापा ने कहा कि क्षेत्र में आयोजित पार्टी कार्यक्रमों में स्थानीय नेताओं की अनदेखी करना उचित नहीं है। उनका आरोप है कि महानगर स्तर पर संगठन की ओर से उन्हें यात्रा में शामिल होने की सूचना नहीं दी गई।
कांग्रेस भवन में फिर दिखी अंतर्कलह
पोस्टर फाड़ने की घटना के बाद कांग्रेस भवन में पार्टी के भीतर चल रहे मतभेद एक बार फिर खुलकर सामने आ गए। वरिष्ठ नेताओं की ओर से लगातार संगठन में एकजुटता बनाए रखने की नसीहत दी जाती रही है। ऐसे में चुनावी तैयारियों के बीच इस तरह की घटनाओं को कांग्रेस के लिए चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के सामने संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी बड़ी चुनौती होगी।
बड़े परिवार में छोटे-मोटे मतभेद स्वाभाविक
मामले पर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल बिष्ट ने पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और प्रदेश नेतृत्व एकजुट है। उन्होंने कहा कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व भी उत्तराखंड को गंभीरता से ले रहा है। पोस्टर फाड़ने की घटना पर उन्होंने कहा कि इतने बड़े कांग्रेस परिवार में कार्यकर्ताओं के बीच छोटे-मोटे मनमुटाव होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि पार्टी मामले का संज्ञान लेगी और यदि कहीं कोई समस्या है तो उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
चुनाव से पहले संगठन को एकजुट रखने की चुनौती
उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। लेकिन पार्टी के भीतर नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच सामने आने वाले मतभेद विपक्ष को राजनीतिक मुद्दा दे सकते हैं। ऐसे में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने संगठन को एकजुट रखते हुए चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने की होगी।