उत्तराखंड पिथौरागढ़Pithoragarh Tragedy Mother Dies After 14-Year-Old Son s Death

उत्तराखंड: बेटे की मौत के बाद मां ने भी गंवाई जान, दो साल पहले बेटी की हुई थी मौत.. परिवार में पसरा मातम

पिथौरागढ़ में दौड़ते समय 14 वर्षीय छात्र जतिन जोशी की अचानक मौत हो गई, बेटे की मौत की खबर से मां पूनम जोशी भी सदमे में चल बसीं। एक ही दिन में मां-बेटे की मौत से मड़े गांव में मातम पसरा, परिवार के पिता त्रिपुरा में असम राइफल्स में तैनात बताए गए हैं।

Pithoragarh News: Pithoragarh Tragedy Mother Dies After 14-Year-Old Son s Death
Image: Pithoragarh Tragedy Mother Dies After 14-Year-Old Son s Death (Source: Social Media)

पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर मड़े गांव में 14 वर्षीय छात्र की अचानक मौत के बाद उसकी मां की भी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। इस घटना की पुष्टि स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में भी की गई है।

Pithoragarh Tragedy: Mother Dies After 14-Year-Old Son’s Death

जानकारी के अनुसार पिथोरागढ़ जिले के मड़े गांव निवासी 14 वर्षीय जतिन जोशी कक्षा 9 में पढ़ता था। रोज की तरह वह झौलखेत मैदान से दौड़ते हुए घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में वह अचानक गिरकर बेहोश हो गया। पीछे से दौड़ रहे अन्य बच्चों ने उसे देखा और घटना की जानकारी उसके परिवार को दी। जतिन की मां पूनम जोशी उर्फ पुष्पा उसे लेकर टैक्सी से जिला अस्पताल पहुंचीं। अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, बच्चे की अचानक हुई मौत से मां गहरे सदमे में थीं।

बेटे की मौत के बाद मां की भी मौत

रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल से निकलने के बाद पूनम एक टैक्सी से घाट क्षेत्र पहुंचीं। वहां उनकी मौत हो गई। स्थानीय पुलिस ने शव बरामद कर लिया और परिजनों से पहचान की पुष्टि की। इस घटना ने परिवार और पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। आगे पढ़िए..

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परिवार के अनुसार, जतिन उनका इकलौता बेटा था। उसके पिता कैलाश चंद्र जोशी असम राइफल्स में त्रिपुरा में तैनात हैं। परिवार मूल रूप से पिथौरागढ़ तहसील के गुरुंगतोली क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है और वर्तमान में मड़े गांव में रह रहा था।

पहले भी बेटी की हो चुकी थी मौत

रिपोर्ट में बताया गया है कि परिवार ने इससे पहले भी एक संतान को खोया था। जतिन की बड़ी बहन की करीब एक-दो वर्ष पहले मधुमेह के कारण मौत हो गई थी। अब बेटे और मां की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

घर में नहीं था कोई करीबी परिजन

स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, जिस समय जतिन को अस्पताल लाया गया, उस वक्त पूनम के साथ कोई अन्य करीबी परिजन नहीं था। बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद वह गहरे सदमे में थीं। परिजनों के मुताबिक, यदि उस समय कोई करीबी उनके साथ होता तो उन्हें भावनात्मक सहारा मिल सकता था। हालांकि, यह कहना संभव नहीं है कि इससे घटना निश्चित रूप से टल जाती। फिलहाल पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। बच्चे की अचानक मौत की वजह और मां की मौत से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी जांच के बाद और स्पष्ट होगी।