नैनीताल: कैंचीधाम क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे पर्यटन के बीच होटल और होम स्टे संचालकों की गतिविधियों पर पर्यटन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। आयुक्त कुमाऊं मंडल और जिलाधिकारी नैनीताल के निर्देश पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी की टीम ने क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान कुल 26 होटल और होम स्टे इकाइयों का भौतिक सत्यापन किया गया।
Kainchi Dham: 22 Hotels and Homestays Fined
निरीक्षण के दौरान कई इकाइयों में पर्यटन विभाग के निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जाना सामने आया। कुछ होटल और होम स्टे में रेट लिस्ट सही तरीके से प्रदर्शित नहीं थी, जबकि कुछ जगह रेट लिस्ट मौजूद ही नहीं मिली। इसके अलावा कुछ संचालक पंजीकृत कमरों की संख्या से अधिक कमरों का संचालन करते हुए भी पाए गए। विभाग ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए संबंधित इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की।
22 पंजीकृत इकाइयों पर लगा 10-10 हजार रुपये जुर्माना
मानकों का पालन नहीं करने पर विभाग ने 22 पंजीकृत होटल और होम स्टे इकाइयों पर प्रति इकाई 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। आगे पढ़िए..
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कार्रवाई की जद में चिराग होम स्टे, त्रिशूल होम स्टे, कृष्णा होम स्टे, मंजू पांडे होम स्टे, रेखा बिष्ट होम स्टे, त्रिलोकी होम स्टे, माधवी होम स्टे, निर्मल रिसोर्ट एंड कॉटेज, मां भगवती होम स्टे, रोहित होम स्टे, दीप्ती होम स्टे, कुंदन नेगी होम स्टे, शरद तिवारी होम स्टे और हर्षित तिवारी होम स्टे समेत अन्य इकाइयां शामिल हैं।
बिना पंजीकरण चल रहे होटल-होम स्टे भी निशाने पर
चेकिंग के दौरान बिना पंजीकरण संचालित हो रही इकाइयों के खिलाफ भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया। संबंधित संचालकों को तत्काल संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। पर्यटन विभाग ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में बिना आवश्यक पंजीकरण के होटल या होम स्टे संचालित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
चार संचालकों को कारण बताओ नोटिस
निरीक्षण में मानकों के अनुरूप संचालन नहीं पाए जाने पर चार इकाई स्वामियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं। नोटिस पाने वालों में हेमंत कुमार मेहता, कासा माउंटेन, गिरी राज किशोर गुप्ता और विवेक कुमार शर्मा शामिल हैं।
लगातार जारी रहेगा भौतिक निरीक्षण
जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने कहा है कि कैंचीधाम क्षेत्र में होटल और होम स्टे इकाइयों का भौतिक निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि पर्यटन नियमों की अनदेखी करने या निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी।