उत्तराखंड देहरादूनAnkita Bhandari Case Parents Detained at India Gate

उत्तराखंड: अंकिता भंडारी के माता-पिता सुबह 4 बजे गिरफ्तार, दुष्यंत गौतम के राज्यपाल बनने पर उठाये थे सवाल

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अंकिता के लिए न्याय मांगने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर भी सवाल उठाए गए।

Ankita Bhandari Case: Ankita Bhandari Case Parents Detained at India Gate
Image: Ankita Bhandari Case Parents Detained at India Gate (Source: Social Media)

देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे अंकिता के माता-पिता और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ गुरुवार, 15 अक्टूबर की सुबह पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने सुबह करीब 4 बजे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। हालांकि, करीब एक घंटे बाद अंकिता के माता-पिता को छोड़ दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।

Ankita Bhandari Case: Parents Detained at India Gate

अंकिता भंडारी के माता-पिता बुधवार से इंडिया गेट पर धरने पर बैठे थे। वे हत्याकांड में कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका की पहचान और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। गुरुवार सुबह पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कोशिश की और कुछ लोगों को हिरासत में लिया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी की। पार्टी नेताओं ने कहा कि अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी के लिए न्याय मांग रहे हैं और उनकी आवाज दबाने के बजाय मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए।

इंडिया गेट पर लोकतंत्र खत्म हो रहा है

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक स्वतंत्रता के लिए चिंताजनक बताया। उन्होंने दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि हत्याकांड में कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका को लेकर सवाल उठाने वाले प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है, जबकि दुष्यंत गौतम को संवैधानिक पद पर नियुक्त किया गया है। ये आरोप राजनीतिक विवाद का विषय हैं। इस मामले में भाजपा या दुष्यंत गौतम की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने अंकिता के माता-पिता से की मुलाकात

बुधवार शाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा इंडिया गेट पहुंचे थे। दोनों ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर न्याय की लड़ाई में समर्थन देने का भरोसा जताया। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि हत्याकांड के करीब चार साल बाद भी परिवार न्याय की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह और कांग्रेस पार्टी अंकिता के माता-पिता के दुख और इंसाफ की लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं। आगे पढ़िए..

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सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति रोकी जाए

अंकिता के पिता ने दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने का विरोध किया है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अनुरोध किया कि सीबीआई जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति रोकी जाए। अंकिता के माता-पिता का दावा है कि हत्याकांड में जिस कथित ‘वीआईपी’ का जिक्र होता रहा है, वह दुष्यंत गौतम हैं। हालांकि, यह उनका आरोप है और इसे किसी न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। परिवार मामले की निष्पक्ष जांच, कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका स्पष्ट करने और जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।

क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?

अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। 19 वर्षीय अंकिता की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। घटना के चार दिन बाद उनका शव चीला नहर से बरामद हुआ था। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता को अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

‘वीआईपी’ का मुद्दा फिर क्यों गरमाया?

हत्याकांड में कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। पिछले साल दिसंबर में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर के बीच कथित बातचीत के कुछ ऑडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आया था। इसके बाद कांग्रेस और कई सामाजिक संगठनों ने मामले की सीबीआई जांच तथा कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका सार्वजनिक करने की मांग की। विरोध के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनवरी में अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की थी। इसके बाद मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश किए जाने की बात सामने आई थी। अब दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति को लेकर अंकिता के माता-पिता का विरोध और दिल्ली में हुई पुलिस कार्रवाई ने इस मामले को एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।