अल्मोड़ा: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में तीरंदाजी को बढ़ावा देने के लिए पूर्व सैनिक विजय मेहरा युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर तीरंदाजी में पदक जीत चुके मेहरा अब अपने अनुभव से जिले के खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार कर रहे हैं। वर्ष 2024 में सूबेदार मेजर के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने जिले में तीरंदाजी की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। वर्तमान में वह खेल विभाग में कोच के रूप में कार्यरत हैं और अल्मोड़ा के 15 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
Former Army Officer Trains Young Archers in Almora
विजय मेहरा ने 77 यूके एनसीसी बटालियन, अल्मोड़ा में दो साल तक सेवाएं दीं। इसी दौरान उनके मन में अपने जिले के युवाओं को तीरंदाजी में आगे बढ़ाने का विचार आया। राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के अनुभव के कारण वह इस खेल की तकनीकों और बारीकियों से परिचित हैं। वह खिलाड़ियों को तीर चलाने की तकनीक के साथ एकाग्रता, अनुशासन और नियमित अभ्यास का महत्व भी समझा रहे हैं। सेना में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए मेहरा को वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन कार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। अब वह सैन्य जीवन में सीखे अनुभवों का इस्तेमाल युवा खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में कर रहे हैं।
सही प्रशिक्षण से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेंगे खिलाड़ी
कोच विजय मेहरा का मानना है कि उचित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने पर अल्मोड़ा के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी अंशुल सिंह, जिला खेल अधिकारी महेशी आर्या और प्रशिक्षकों के प्रयासों से जिले के युवाओं को तीरंदाजी सीखने के अवसर मिल रहे हैं। उनका लक्ष्य खिलाड़ियों की तकनीक को मजबूत बनाना और उन्हें बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।
तीन खिलाड़ी पहली बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में लेंगे हिस्सा
विजय मेहरा के प्रशिक्षण में तैयार हो रहे जिले के तीन खिलाड़ी अब राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। राजन सिंह फर्त्याल, प्रियांशु टम्टा और लक्ष्य बिष्ट न्यू टिहरी में आयोजित होने वाली नौवीं सीनियर उत्तराखंड स्टेट तीरंदाजी चैंपियनशिप में अल्मोड़ा का प्रतिनिधित्व करेंगे। तीनों खिलाड़ी पहली बार किसी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगे। कोच मेहरा ने उम्मीद जताई कि खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करते हुए पदक जीतेंगे और जिले का नाम रोशन करेंगे।