उत्तराखंड हरिद्वारDelhi-Haridwar 6-Lane Road to Open Soon

Delhi-Haridwar Expressway: दिल्ली से हरिद्वार का सफर होगा आसान, 51 KM का 6-लेन मार्ग जल्द खुलने की उम्मीद

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को हरिद्वार से जोड़ने वाले करीब 51 किलोमीटर लंबे छह लेन के संपर्क मार्ग का लगभग 92 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी है। मार्ग खुलने से दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हरिद्वार आने वाले यात्रियों को...

Delhi Haridwar Expressway: Delhi-Haridwar 6-Lane Road to Open Soon
Image: Delhi-Haridwar 6-Lane Road to Open Soon (Source: Social Media)

हरिद्वार: दिल्ली से हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए राहत भरी खबर है। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को हरिद्वार से जोड़ने वाले करीब 51 किलोमीटर लंबे छह लेन के संपर्क मार्ग का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परियोजना का लगभग 92 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और अगले दो महीने में मार्ग खोलने की उम्मीद जताई गई है। इसके शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हरिद्वार आने वाले यात्रियों को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिल सकती है। हालांकि, दिल्ली से हरिद्वार का सफर डेढ़ घंटे में पूरा होने का दावा वास्तविक यात्रा समय, ट्रैफिक और मार्ग की स्थिति पर निर्भर करेगा।

Delhi-Haridwar 6-Lane Road to Open Soon

इस परियोजना का उद्देश्य दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से हरिद्वार तक तेज और बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है। दिल्ली के अक्षरधाम क्षेत्र से आने वाले वाहन एक्सप्रेसवे के जरिए उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में हलगोया मुस्तकम के निकट पहुंचेंगे। यहां से हरिद्वार के लिए नया छह लेन का संपर्क मार्ग शुरू होगा। यह मार्ग उत्तराखंड में प्रवेश करते हुए बढेड़ी राजपूताना के पास मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग-334 से जुड़ेगा। करीब 51 किलोमीटर लंबे इस संपर्क मार्ग से दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हरिद्वार आने वाले वाहनों को वैकल्पिक सड़क मार्ग मिलने की उम्मीद है।

92 प्रतिशत काम पूरा, 46 किलोमीटर सड़क तैयार

परियोजना से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, संपर्क मार्ग का करीब 92 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है और लगभग 46 किलोमीटर सड़क तैयार की जा चुकी है। शेष काम पूरा होने के बाद मार्ग को यातायात के लिए खोलने की योजना है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से इसे अगले दो महीने में खोलने की जानकारी दिए जाने का उल्लेख किया गया है। हालांकि, मार्ग खुलने की अंतिम तारीख की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही यात्रियों को इसका लाभ मिल सकेगा।

अक्षरधाम से हरिद्वार तक क्या होगा रूट?

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और हरिद्वार संपर्क मार्ग परियोजना के दो अलग-अलग हिस्से हैं, जो आपस में जुड़कर सड़क यात्रा को सुविधाजनक बनाएंगे। प्रस्तावित रूट के प्रमुख स्थानों में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले का हलगोया मुस्तकम, बसेड़ा, मानकपुर आदमपुर, हरचंदपुर माजरा और माधोपुर हजरतपुर शामिल हैं। इसके बाद मार्ग उत्तराखंड की ओर बढ़ते हुए सलीयर, मेहवड़ कलां और रहमतपुर के आसपास से गुजरेगा और बढेड़ी राजपूताना के निकट एनएच-334 से जुड़ेगा। आगे वाहन बहादराबाद, ज्वालापुर और कनखल सहित हरिद्वार के विभिन्न हिस्सों की ओर जा सकेंगे। उपलब्ध विवरण के अनुसार, शहर की ओर आगे बढ़ने पर सड़क का स्वरूप छह लेन से चार लेन हो जाएगा।

बहादराबाद से चंडी देवी मंदिर तक बाईपास भी अहम

हरिद्वार में यातायात का दबाव कम करने के लिए बहादराबाद से चंडी देवी मंदिर के पास तक लगभग 15 किलोमीटर लंबे बाईपास को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बेहतर संपर्क मार्ग और बाईपास से शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। खासकर स्नान पर्व, सप्ताहांत और धार्मिक आयोजनों के दौरान हरिद्वार में वाहनों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होना यातायात प्रबंधन के लिहाज से उपयोगी हो सकता है।

सुबह दिल्ली से निकलकर एक दिन में हरिद्वार घूमने का विकल्प

नया संपर्क मार्ग शुरू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर से हरिद्वार की एक दिवसीय यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सकती है। पर्यटक सुबह दिल्ली से निकलकर हरिद्वार में हर की पैड़ी पर गंगा स्नान, मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर के दर्शन कर उसी दिन वापस लौटने की योजना बना सकेंगे। हालांकि, वास्तविक यात्रा समय यातायात, सप्ताहांत की भीड़, मौसम और शहर के भीतर की सड़क स्थिति पर निर्भर करेगा। इसलिए डेढ़ घंटे में दिल्ली से हरिद्वार पहुंचने की संभावना को फिलहाल अनुमान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

पर्यटन और स्थानीय कारोबार को मिल सकता है फायदा

हरिद्वार नगर विधायक और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के अनुसार, दिल्ली और आसपास के शहरों से हरिद्वार पहुंचना आसान होने पर कम अवधि की धार्मिक यात्राओं पर आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है। इससे होटल, धर्मशालाओं, रेस्तरां, ढाबों, टैक्सी संचालकों और स्थानीय परिवहन कारोबार को फायदा मिलने की संभावना है। बेहतर सड़क संपर्क से रुड़की, भगवानपुर, बहादराबाद और हरिद्वार के आसपास के क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। सहारनपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए भी आवागमन अधिक सुविधाजनक हो सकता है।

अर्धकुंभ 2027 के मद्देनजर बेहतर कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण

हरिद्वार में वर्ष 2027 में प्रस्तावित अर्धकुंभ को देखते हुए सड़क संपर्क और यातायात प्रबंधन की तैयारियां महत्वपूर्ण हैं। धार्मिक आयोजनों के दौरान हर की पैड़ी, चंडी चौक, शंकराचार्य चौक और शहर के दूसरे प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है। NHAI अधिकारी सौरभ के अनुसार, संपर्क मार्ग का काम अंतिम चरण में है और इसके शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों को भी फायदा मिल सकता है। बेहतर सड़क संपर्क से वाहनों को वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध होगा और यातायात को अलग-अलग दिशाओं में संचालित करने में मदद मिल सकती है। अर्धकुंभ मेला अधिकारी सोनिका सिंह के अनुसार, बेहतर कनेक्टिविटी सप्ताहांत और धार्मिक आयोजनों के दौरान बढ़ने वाली भीड़ के दबाव को कम करने में उपयोगी हो सकती है। बैरागी कैंप सहित मेला गतिविधियों से जुड़े क्षेत्रों तक पहुंच बेहतर बनाना भी यातायात प्रबंधन के लिए अहम है।

जमीन और प्रॉपर्टी कारोबार पर भी पड़ सकता है असर

नए संपर्क मार्ग से आसपास के क्षेत्रों में जमीन और प्रॉपर्टी कारोबार की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय निवासी और प्रॉपर्टी कारोबारी संदीप वालिया के मुताबिक, मार्ग के आसपास कुछ क्षेत्रों में जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बेहतर सड़क संपर्क से किसी क्षेत्र तक पहुंच आसान होती है, जिससे वहां निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। हालांकि, जमीन की कीमतों पर वास्तविक प्रभाव स्थानीय मांग, विकास कार्यों और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

नजीबाबाद और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को भी लाभ

इस सड़क नेटवर्क से सहारनपुर, रुड़की, भगवानपुर और हरिद्वार के आसपास के क्षेत्रों को बेहतर संपर्क मिलने की उम्मीद है। नजीबाबाद की दिशा में जाने वाले यात्रियों को भी कनेक्टिविटी का लाभ मिल सकता है। वहीं, कुमाऊं की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए सुविधा इस बात पर निर्भर करेगी कि वे आगे किन राष्ट्रीय राजमार्गों और मार्गों का इस्तेमाल करते हैं। कुल मिलाकर, हरिद्वार संपर्क मार्ग के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले यात्रियों को नया सड़क विकल्प मिल सकता है। परियोजना के पूरा होने और यातायात के लिए खुलने के बाद ही यात्रा समय, ट्रैफिक और स्थानीय कारोबार पर इसके वास्तविक प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।