चम्पावत: उत्तराखंड के चंपावत जिले के लोहाघाट क्षेत्र में गुलदार के हमले में 13 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। सुई डूंगरी गांव में बुधवार देर शाम रायकोट मेला देखकर घर लौट रहे हिमांशु पुजारी पर घर के पास घात लगाए बैठे गुलदार ने हमला कर दिया। गुलदार किशोर को घसीटकर खेतों की ओर ले गया। देर रात तलाश के दौरान उसका शव घर से करीब 30 मीटर नीचे खेतों में मिला। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है।
Leopard Kills 13-Year-Old Boy in Champawat
मृतक की पहचान गंगादत्त पुजारी के 13 वर्षीय बेटे हिमांशु पुजारी के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, बुधवार शाम करीब 6:30 बजे हिमांशु रायकोट मेला देखकर घर लौट रहा था। घर से लगभग 30 मीटर पहले घात लगाए बैठे गुलदार ने उस पर हमला कर दिया और उसे घसीटकर ले गया। काफी देर तक हिमांशु के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। रात करीब 9:30 बजे उसका शव घर से नीचे खेतों में मिला। ग्रामीण उसे तत्काल लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों ने वन विभाग पर लगाए लापरवाही के आरोप
घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी है। उनका आरोप है कि गुलदार पिछले कई दिनों से गांव के आसपास दिखाई दे रहा था। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई थी और पिंजड़ा लगाने की मांग भी की गई थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने गुलदार को आदमखोर घोषित कर मारने, क्षेत्र में पिंजड़ा लगाने और नियमित गश्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि गांव में गुलदार की लगातार मौजूदगी से लोगों में पहले से ही डर बना हुआ था।
डीएम ने दिए पिंजड़ा लगाने और गश्त बढ़ाने के निर्देश
घटना की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी मनीष कुमार लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। इसके बाद वह ग्रामीणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुए। डीएम ने वन विभाग को तत्काल पिंजड़े लगाने और प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए।
जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी ने भी अस्पताल पहुंचकर शोकाकुल परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। वहीं, सीएमओ डॉ. देवेश चौहान ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही किशोर की मौत हो चुकी थी।
गांव में दहशत, रात में वन विभाग की टीम तैनात करने की मांग
लोहाघाट के रेंजर रमेश चंद्र जोशी और पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी जुटाई। घटना के बाद सुई डूंगरी सहित आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने रात के समय वन विभाग की टीम तैनात करने, गुलदार की निगरानी करने और लोगों को उसके आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।