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Image: Manish rawat selected for asian games

चमोली के देवलगांव का लड़का...कभी होटल में वेटर था, अब एशियन गेम्स में जीतेगा गोल्ड मेडल!

चमोली के देवलगांव का लड़का...कभी होटल में वेटर था, अब एशियन गेम्स में जीतेगा गोल्ड मेडल!

यकीन मानिए ये एक तस्वीर है उभरते उत्तराखंड की। ये वो पहाड़ी दम है, जो अब धीरे धीरे दुनिया की भीड़ में खुद को साबित कर रहा है। ये वो पहाड़ी युवा हैं, जो हर क्षेत्र में देवभूमि नाम रोशन कर रहे हैं। कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं होता ? एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो। चमोली के सगर गांव के मनीष रावत के लिए ये कहावत एकदम फिट बैठती है। ये लड़का गरीबी का वार झेल चुका है, होटल में वेटर की नौकरी कर चुका है, यात्रियों को घुमाने के लिए गाइड का काम कर चुका है। लेकिन जिंदगी में हार नहीं मानी। हार ना मानने की जिद बढ़ती गई और एक बार फिर से इस लड़के के कंधों पर देश के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी आ गई है। एथलीट मनीष सिंह रावत का सलेक्शन 18वें एशियन गेम्स के लिए हो गया है।

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मनीष रावत 20 किमी वॉक रेस में अपना दम दिखाएंगे। इंडोनेशिया के जकार्ता में 18 अगस्त से दो सितंबर तक एशियन गेम्स होने हैं। खास बात ये भी है कि एशियन गेम्स के लिए सलेक्ट होने वाले मनीष रावत उत्तराखंड से अकेले खिलाड़ी हैं। मनीष ने 2016 के रियो ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। बदरीनाथ के एक होटल में मनीष रावत वेटर का काम करते थे। इसके साथ साथ परिवार का पेट पालने के लिए दूध बेचने का भी काम करते थे। राजकीय इंटर कॉलेज बैरागना में पढ़ाई की। ये स्कूल घर से 7 किलोमीटर दूर था। यानी एक दिन में 14 किलोमीटर का सफर तो ऐसे ही हो जाता था। 2002 में पिता की मौत हुई तो पूरे परिवार की जिम्मेदारी इनके ऊपर आ गई। खेतीबाड़ी के साथ-साथ हर वो काम किया, जिससे कुछ पैसे मिल जाएं।

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2006 में बदरीनाथ के एक होटल में वेटर का काम किया। दूध बेचा और यात्रियों के साथ गाइड बनकर रुद्रनाथ गया। इस दौरान उनकी मुलाकात कोच अनूप बिष्ट से हुई, जो गोपेश्वर स्टेडियम में कोच थे। उनके कहने पर ही मनीष ने पढ़ाई के लिए गोपेश्वर में एडमिशन ले लिया। यहीं से शुरू होेता है मनीष का चमचमाता करियर। 2011 में उन्हें पुलिस में खेल कोटे में जॉब मिली। आज मनीष रावत उत्तराखंड पुलिस में इंस्पेक्टर हैं। मनीष रावत के कोच अनूप बिष्ट कहते हैं कि एशियन गेम्स के लिए वो जमकर तैयारी कर रहे हैं। कोच को पूरी उम्मीद है कि इस बार उनका शिष्य गोल्ड जीतकर आएगा। राज्य समीक्षा की टीम की तरफ से मनीष रावत को हार्दिक शुभकामनाएं। आप भी आज पहाड़़ के इस लाल को दिल खोलकर बधाई दें।

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