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Image: Parijaat tree in uttarakhand

देवभूमि में हिंदुस्तान का सबसे पुराना वृक्ष, जिसकी उम्र 2500 साल है

देवभूमि में हिंदुस्तान का सबसे पुराना वृक्ष, जिसकी उम्र 2500 साल है

कहा जाता है कि इस वृक्ष को छूने भर से ही शरीर की सारी थकान दूर हो जाती है। ये भी कहा जाता है कि इस वृक्ष मन की मुराद मांगने पर पूरी हो जाती है। जी हां..देवभूमि को प्रकृति ने एक से बढ़कर एक अदभुत नैमतों से नवाजा गया है। इन्हीं में से एक है पारिजात वृक्ष यानी कल्पवृक्ष। जो करीब 2500 साल से चमोली जिले के जोशीमठ के ज्योतेश्वर मठ में मौजूद है। दरअसल 2500 साल पहले तो ये वृक्ष अस्तित्व में आया था लेकिन इसकी कहानी 2500 साल से भी पुरानी है। मान्यता है कि ये चमत्कारी पारिजात वृक्ष देवों और दानवों के बीच हुए समुद्र मंथन से प्राप्त ह्आ है। अगर समुद्र मंथन के वक्त को देखें, तो ये भी कहा जा सकता है कि ये 2500 साल नहीं बल्कि युगों पुराना वृक्ष है। ये एक शोध का विषय भी है। शास्त्र कहते हैं कि समुद्र मंथन से 14 रत्न प्राप्त हुए थे इन्हीं रत्नों में से एक रत्न था पारिजात वृक्ष जिसे देवताओं के राजा इंद्र को दिया गया था। पद्मपुराण के अनुसार पारिजात ही कल्पतरु है।

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इसके बाद देवराज इंद्र ने इसे हिमालय के उत्तर में सुरकानन वन में स्थापित किया था, ये जगह है उत्तराखंड। वैज्ञानिक भाषा में ओलिएसी कुल के इस वृक्ष का नाम ओलिया कस्पीडाटा है। भारत में इसका वानस्पतिक नाम बंबोकेसी है। इसको फ्रांसीसी वैज्ञानिक माइकल अडनसन ने 1775 में अफ्रीका में सेनेगल में सर्वप्रथम देखा था, इसी आधार पर इसका नाम अडनसोनिया टेटा रखा गया। इसे बाओबाब भी कहते हैं। ये वृक्ष पौराणिक औषधीय और अध्यात्मिक महत्व वाला कल्पवृक्ष है, इस वृक्ष को पृथ्वी का पारिजात और भारत का सबसे पुराना वृक्ष माना जाता है। कहा जाता है कि इस वृक्ष पर असंख्य शाखायें है, इसका व्यास लगभग 22 मीटर और उंचाई लगभग 170 फीट है । माना जाता है कि ये पारिजात वृक्ष लगभग 2500 से उत्तराखंड की पावन भरती पर मौजूद है।

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मान्यता है कि इसी वृक्ष के नीचे आदिगुरू शंकराचार्य ने तपस्या की थी और यहीं पर ही उन्हें दिव्य ज्ञान भी प्राप्त हुआ था जिसके बाद ही आदिगुरु ने भारत में चारों दिशाओं में चार पीठों की स्थापना की थी। हालांकि इस कल्पवृक्ष की सही उम्र को लेकर भी अलग अलग बातें सामने आती रही हैं। कुछ लोग इसकी उम्र 1200 साल मानते हैं। लेकिन कुछ जानकारों का मानना है कि जितने वर्ष पहले ज्योतिष्पीठ की स्थापना हुई थी उतने ही साल यानि की 2500 साल कल्पवृक्ष को भी हो गये हैं। अब आपको दुनिया के सबसे पुराने वृक्ष के बारे में बता देते हैं। जानकार कहते हैं कि दुनिया का सबसे पुराना वृक्ष स्वीडन में है और वो पेड़ 9,500 साल पुराना है। ये पेड़ 13 फिट यानि चार मीटर लंबा है। दिखने में ये पेड़ क्रिसमस पेड़ की तरह है और इसे टीजिक्को के नाम से जाना जाता है।

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