देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर मैदानों तक मूसलधार बारिश का दौर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। भारी बारिश के कारण स्कूलों की छुट्टियां, भूस्खलन के कारण सड़कें बाधित और जलभराव जैसी कई समस्याओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के चार जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।
Uttarakhand Weather Update 13 July 2025
उत्तराखंड में मानसून के आने के बाद से भारी बारिश का दौर लगातार जारी है, बारिश के कारण आने वाली आपदाओं ने हर जगह जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालांकि प्रदेश के निचले क्षेत्रों में बारिश रुकते ही भीषण गर्मीं की मार शुरू हो रही हैं, वहीं कुछ क्षेत्रों बारिश के साथ ही उमस की भी समस्या हो रही है। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों भारी बारिश के कारण हर दिन सड़कें बाधित हो रही हैं, यहां बारिश और भूस्खलन की घटनाओं के चलते अलर्ट लगातार जारी किया जा रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वालों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में स्कूलों की छुट्टी, ट्रैफिक डायवर्जन और राहत-बचाव टीमों की तैनाती जैसी तैयारियां भी चल रही हैं। बादल कभी धूप को छिपाते हैं तो कभी गरज के साथ बरसने लगते हैं। ऐसे में सभी नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का ध्यान रखें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। मौसम विभाग की मानें तो आज भी प्रदेश भर में बारिश होने की संभावना है, वहीं 4 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, आज रविवार, 13 जुलाई को प्रदेश के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में तेज़ बौछारें और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी व्यक्त की है। जिससे लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से प्रदेश के देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने और भारी बारिश की संभावना को लेकर येलो अलर्ट है। इन चारों जिलों के पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रदेश के उत्तरकाशी, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, अल्मोड़ा, ऊधमसिंहनगर और पिथौरागढ़ जिलों में आज हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से झोकेदार हवाएं चलने की संभावना है।