उत्तराखंड हरिद्वारcrocodile entered a house in Haridwar

उत्तराखंड: घर में घुसा मगरमच्छ, सोते परिवार में मचा हड़कंप.. पकड़ने में वन विभाग के छूटे पसीने

रात के अंधेरे में इतने बड़े मगरमच्छ को रेस्क्यू करना बेहद कठिन हो रहा था। लेकिन वन विभाग की टीम ने करीब 2 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद मगरमच्छ को पकड़ने में सफलता पाई...

Crocodile entered in house: crocodile entered a house in Haridwar
Image: crocodile entered a house in Haridwar (Source: Social Media)

हरिद्वार: जनपद हरिद्वार के दूरस्थ गांव में देर रात एक अनोखी घटना से हड़कंप मच गया। यहां करीब एक बजे रात एक घर में अचानक एक विशालकाय मगरमच्छ घुस आया। घर के दरवाजे पर इतने विशालकाय मगरमच्छ को देखकर परिजनों में हडकंप मच गया।

Crocodile entered a house in Haridwar

जानकारी के अनुसार बीते बुधवार को देर रात करीब 1 बजे हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में स्थित दाबकी महेश्वरी गांव के एक घर में विशालकाय मगरमच्छ घुस आया। परिजनों ने जब आधी रात को अपने घर के मुख्य दरवाजे पर इतने विशालकाय मगरमच्छ को देखा तो उनके होश उड़ गए। उनका शोर सुनकर पड़ोसी भी मौके पर पहुंच, कुछ ही देर घटना की खबर पूरे गांव में फैल गई। इस घटना के बाद पूरे दाबकी महेश्वरी गांव में दहशत का माहौल है।

वन विभाग के छूटे पसीने

इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग इस घटना को सूचना दी। सूचना मिलते ही वनकर्मी गुरजंट सिंह अपनी टीम के साथ रात करीब 2 बजे मौके पर पहुंचे। रात के अंधेरे में इतने बड़े मगरमच्छ को रेस्क्यू करना बेहद कठिन हो रहा था। लेकिन वन विभाग की टीम ने करीब 2 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद मगरमच्छ को पकड़ने में सफलता पाई। ग्रामीणों ने गुरजंट सिंह और उनकी टीम के साहसिक कार्य की सराहना की। वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को रेस्क्यू करने के बाद उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया।

वनकर्मियों ने साहस और सतर्कता से किया रेस्क्यू

रेंज अधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि ग्रामीणों से घटना की सूचना मिलते ही वनकर्मी गुरजंट सिंह और अपनी टीम के साथ जरुरी उपकरणों को लेकर तुरंत मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ओपरेशन शुरू किया। रात के अँधेरे में इतने विशालकाय मगरमच्छ को रेस्क्यू करना मुश्किल हो रहा था, लेकिन हमारे वनकर्मियों ने साहस और सतर्कता से उसे रेस्क्यू कर लिया। इसके बाद मगरमच्छ को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील है कि ऐसे मामलों में घबराएं नहीं और बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचित करें।